Bihar Airport: पटना एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। विमानों से पक्षियों के टकराने यानी ‘बर्ड हिट’ की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के मकसद से अब एयरपोर्ट के आसपास ‘रिफ्लेक्टिव रिबन’ लगाए जाएंगे। इन विशेष रिबन की तेज चमक और प्रतिबिंब पक्षियों को दूर रखने में मदद करेंगे, जिससे बिहार में हवाई यात्रा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
बढ़ती ‘बर्ड हिट’ की घटनाएं: एक गंभीर चुनौती
आंकड़ों के मुताबिक, पटना एयरपोर्ट पर पिछले साल कुल 32 बर्ड हिट की घटनाएं दर्ज की गई थीं। इस वर्ष सितंबर महीने तक ही 22 ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो हवाई सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती हैं। विमानों के उड़ान भरने और उतरने के दौरान पक्षियों की मौजूदगी लगातार सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन पक्षियों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए कई उपायों पर काम कर रहा है।
कैसे काम करेंगे ‘रिफ्लेक्टिव रिबन’?
एयरपोर्ट प्रशासन की योजना के अनुसार, लगाए जाने वाले रिफ्लेक्टिव रिबन अपनी चमक और प्रतिबिंब के जरिए पक्षियों को असहज महसूस कराएंगे। इससे पक्षी उन क्षेत्रों के आसपास आने से बचेंगे, जहाँ विमानों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। यह उपाय बर्ड हिट की घटनाओं को काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
चील और कचरे के ढेर हैं मुख्य कारण
पटना एयरपोर्ट के आसपास ‘ब्लैक काइट’ यानी चीलों की बड़ी संख्या को इस समस्या का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसे देखते हुए वन विभाग के डीएफओ ने एक व्यापक बर्ड सर्वे शुरू किया है। इस सर्वे के माध्यम से पक्षियों की संख्या, उनकी आवाजाही के पैटर्न और उन स्थानों का आकलन किया जाएगा, जहाँ से उन्हें भोजन मिलता है या जो उन्हें आकर्षित करते हैं।
इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट के करीब चितकोहरा गोलंबर के पास स्थित मांस-मछली की दुकानें और गर्दनीबाग में बना गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन भी पक्षियों के जमावड़े का एक बड़ा कारण हैं। इन जगहों पर मिलने वाले खाद्य अवशेष पक्षियों को अपनी ओर खींचते हैं। बर्ड सर्वे में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, ताकि पक्षियों को आकर्षित करने वाले कारणों को दूर किया जा सके।
सर्वे रिपोर्ट के बाद तय होंगे प्रभावी समाधान
बर्ड सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की मौजूदगी को कम करने के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। पक्षियों की आवाजाही के मुख्य मार्गों और उनके जमावड़े वाले स्थानों की पहचान होने से खतरे को कम करने की योजना बनाने में काफी मदद मिलेगी। इसका अंतिम लक्ष्य विमानों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पूरे क्षेत्र को और अधिक सुरक्षित बनाना है।







