Bihar Sand Mining: बिहार में निर्माण कार्यों को गति देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य में बालू की संभावित किल्लत को रोकने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत, छह जिलों में नए बालू घाटों को खनन के लिए तैयार किया जा रहा है, वहीं 452 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया में भी तेजी लाने की तैयारी है। इस कदम से Bihar में बालू खनन का दायरा बढ़ेगा और रेत की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार, नहीं रुकेगा कोई काम
खान एवं भूतत्व विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए बालू की कोई कमी न हो। सरकारी विभागों से जुड़े प्रोजेक्ट्स हों या निजी निर्माण, किसी भी सूरत में बालू के अभाव में काम न अटके, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग उन बालू घाटों की नीलामी पर भी जोर दे रहा है, जो अब तक विभिन्न कारणों से बंद पड़े थे या नीलाम नहीं हो पाए थे।
इन 6 जिलों में शुरू होगी नई सैंड माइनिंग
जानकारी के अनुसार, जिन छह जिलों में नए बालू घाटों को खनन के लिए चिन्हित किया गया है, उनमें गया, अरवल, जमुई, पटना, भोजपुर और औरंगाबाद शामिल हैं। इन जिलों में नए घाटों से बालू निकालने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इसके साथ ही, जिन बालू घाटों की बंदोबस्ती अभी तक नहीं हो पाई है, उनकी प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। पहले से चिन्हित घाटों की बंदोबस्ती को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
452 घाटों की नीलामी का लक्ष्य, डीएम को निर्देश
राज्य में कुल 541 सफेद बालू घाट और 466 पीले बालू घाट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 452 घाटों की नीलामी अभी तक बाकी है। इस स्थिति को देखते हुए, संबंधित जिलाधिकारियों (डीएम) को इन बालू घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया गया है। विभाग का मानना है कि इन बालू घाटों के चालू होने से खनन का दायरा बढ़ेगा और राज्य भर में बालू की आपूर्ति में महत्वपूर्ण इजाफा होगा, जिससे Bihar में निर्माण क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।







