Khagaria Child Kidnapping: बिहार के खगड़िया जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मामा पर अपने ही 40 दिन के नवजात भांजे को 1 लाख 80 हजार रुपये में बेचने की साजिश रचने का आरोप लगा है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मासूम बच्चे को बेगूसराय जिले से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में बच्चे के सगे मामा सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस उपाधीक्षक संतोष पोद्दार ने इस सनसनीखेज खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपये में बेचने की बात तय हुई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में बच्चे का मामा, एक अन्य व्यक्ति और बच्चे को खरीदने वाली महिला शामिल हैं। पुलिस अब इस मामले में पैसों के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
अपहरण की सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
पुलिस उपाधीक्षक संतोष पोद्दार के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को गंगौर थाना पुलिस को 40 दिन के बच्चे के अपहरण की सूचना प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। गंगौर थाना में फौरन प्राथमिकी दर्ज कर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने बच्चे की तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि बच्चा बेगूसराय जिले के मंसूरचक थाना क्षेत्र के समसा गांव में है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, एसआईटी ने समसा गांव में छापेमारी की और कुमारी शबनम के घर से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
12 घंटे के भीतर मासूम को किया बरामद
पुलिस के मुताबिक, अपहरण की सूचना मिलने के महज 12 घंटे के भीतर ही मासूम बच्चे को बरामद कर लिया गया, जो पुलिस की त्वरित कार्रवाई का नतीजा है। बच्चे की सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में शामिल आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अपनी कार्रवाई और तेज कर दी। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के दौरान बच्चे को कथित तौर पर बेचने की पूरी योजना का पता चला। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अपहरण की साजिश कैसे रची गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं थी।
सगे मामा सहित तीन आरोपित गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान रामाशीष पासवान (पिता राजेश पासवान, निवासी सिमरी, थाना बखरी, जिला बेगूसराय), शिवम कुमार (पिता प्रमोद महतो, निवासी समसा, थाना मंसूरचक, जिला बेगूसराय) और कुमारी शबनम (पति राजेश कुमार झा, निवासी समसा, थाना मंसूरचक, जिला बेगूसराय) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से हुई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपये में बेचने की बात तय हुई थी। मामले में बच्चे के सगे मामा की भूमिका भी उजागर हुई है। हालांकि, कथित सौदे में वास्तव में पैसों का लेन-देन हुआ था या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बच्चे के अपहरण और कथित बिक्री की साजिश में कोई और व्यक्ति तो शामिल नहीं था।
गंगौर थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक श्याम सुंदर पासवान, पुलिस अवर निरीक्षक एसएम अख्तर और सशस्त्र बल के जवानों की टीम ने इस सफल अभियान को अंजाम दिया।
गंगौर थाना कांड संख्या 198/26, दिनांक 18 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 140(3), 143 और 61(1) में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और कथित सौदे, पैसों के लेन-देन तथा अन्य संभावित संलिप्त लोगों से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल जारी है।







