Sonia Gandhi Book: बिहार समेत देशभर में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी इन दिनों अपनी आने वाली किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ को लेकर चर्चा में हैं। इस किताब के जरिए सोनिया गांधी पहली बार अपनी कहानी खुद बताने वाली हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बताया कि अब तक उनकी कहानी दूसरे लोग सुनाते रहे हैं, लेकिन अब वह खुद अपने बारे में बताएंगी।

सोनिया गांधी ने अपनी किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ के प्रचार के लिए अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया है। 10 नवंबर 2026 को यह किताब रिलीज होने वाली है, जिससे पहले उन्होंने एक अहम बयान दिया है।
“जब यह किताब आएगी, तो तमाशा होना तय है। आखिर, इतने दशकों तक दूसरे लोग मेरी कहानी सुनाते रहे हैं, अब मेरी बारी है।”
सोनिया गांधी ने कहा, ‘मेरे बारे में बहुत कुछ गलत लिखा गया’
अपनी किताब को लेकर सोनिया गांधी ने कहा कि उनके बारे में बहुत कुछ लिखा गया है। उन्होंने साफ तौर पर
कहा कि इसमें से कई बातें गलत हैं। उन्होंने बताया कि कुछ बातें तो जानबूझकर गलत लिखी गईं, वहीं कुछ तथ्यों की कमी के कारण सही नहीं थीं।
“मेरे बारे में बहुत कुछ लिखा गया है और उसमें बहुत सारी चीजें गलत हैं। कुछ जानबूझकर गलत लिखा गया है और कुछ तथ्यों की कमी के कारण।”
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया कि अब वह अपनी कहानी खुद बताएंगी और सभी सही तथ्य सामने रखेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी कहानी का सही वर्जन पढ़ने के बाद शायद कुछ लोग उनके बारे में अपनी राय बदल लें, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ लोग पहले से भी ज्यादा खराब विचार बना सकते हैं, क्योंकि “जब कोई लेखक लिखता है तो ऐसा होता है।”
राजीव गांधी के पीएम बनने के खिलाफ थीं सोनिया
सोनिया गांधी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया था, जब उनकी सास और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद कांग्रेस पार्टी ने राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाया। सोनिया गांधी ने अपने वीडियो में इस बात की पुष्टि की है कि वह राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के खिलाफ थीं।
खुद की कहानी से कई खुलासे संभव
सोनिया गांधी ने पहले भी कुछ किताबें लिखी हैं, लेकिन यह किताब उन सभी से अलग होगी। इस किताब में वह अपनी निजी कहानी बताएंगी। भारत के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों में से एक की सदस्य होने के नाते, वह पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के सबसे करीब रहीं। वह कांग्रेस पार्टी की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष भी रहीं। यूपीए सरकार के दौरान भले ही वह प्रधानमंत्री नहीं बनीं, लेकिन सत्ता की एक धुरी के रूप में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। ऐसे में उनकी खुद की कहानी कई नए खुलासे कर सकती है, जिसको लेकर लोगों में काफी उत्साह है।








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