Kushinagar Airport के जरिए बौद्ध सर्किट और क्षेत्रीय पर्यटन को नई उड़ान देने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू हो चुके हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य Darbhanga जैसे क्षेत्रीय केंद्रों की तरह इस क्षेत्र को भी बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ना और यात्रियों के लिए सुगम यात्रा विकल्प तैयार करना है।
जेवर एयरपोर्ट के माध्यम से खुलेगी नई राह
कुशीनगर एयरपोर्ट को नियमित उड़ानों के नक्शे पर दोबारा लाने के लिए अब जेवर एयरपोर्ट के रास्ते नई संभावनाओं पर काम हो रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से दिल्ली-एनसीआर के विशाल विमानन बाजार तक सीधी पहुंच बन सकेगी, जिससे व्यावसायिक उड़ानों की संख्या में भी इजाफा होगा।
अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय चर्चा
इस सिलसिले में प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। कुशीनगर के जिलाधिकारी संजय चौहान ने जेवर एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आरके सिंह से मुलाकात कर हवाई सेवा के विस्तार को लेकर चर्चा की। इस दौरान कुशीनगर को वैकल्पिक हवाई संपर्क मुहैया कराने और घरेलू उड़ानों की संभावनाओं को पुख्ता करने पर जोर दिया गया।
कुशीनगर एयरपोर्ट को जेवर एयरपोर्ट के नेटवर्क से जोड़ने की इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
आगामी दिनों में इस प्रस्ताव पर तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए काम आगे बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में पर्यटन उद्योग को एक नया आयाम मिल सके।







