Mallikarjun Kharge के एक बयान पर शुरू हुआ राजनीतिक घमासान अब अदृश्य दायरे से निकलकर सीधे न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया है। पटना के बापू सभागार में दिए गए कथित बयानों को लेकर Bihar की राजनीति में गर्माहट बनी हुई है, जिससे विरोधी दल आमने-सामने आ गए हैं।
लखीसराय व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजक एवं अधिवक्ता वासुकी सिंह ने लखीसराय व्यवहार न्यायालय में उनके खिलाफ आधिकारिक रूप से परिवाद दायर किया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि इस बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।
पटना के बापू सभागार के कार्यक्रम से जुड़ा मामला
यह पूरा कानूनी विवाद 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। आरोप लगाया गया है कि इस कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता और सनातन संस्कृति को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं। इस बयान के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में विरोध के स्वर तेज हो गए थे।
न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
राजनीतिक विरोध से शुरू हुआ यह मामला अब अदालत के दरवाजे तक पहुंच चुका है। लखीसराय न्यायालय में दायर परिवाद के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के नियमों और पेश किए गए तथ्यों के आधार पर तय होगी। भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं।







