Banshidhar Brajwasi ने हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद मचे सियासी घमासान के बीच बड़ा बयान दिया है। Bihar की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई थी जब तिरहुत स्नातक सीट से निर्दलीय विजयी हुए बंशीधर ब्रजवासी के भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई थी, लेकिन देर रात उन्होंने खुद वीडियो जारी कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।
वीडियो जारी कर बंशीधर ब्रजवासी ने दी सफाई
अपने आधिकारिक वीडियो संदेश में बंशीधर ब्रजवासी ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात पूरी तरह से शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थी। ब्रजवासी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उन्हें स्नेह के साथ बातचीत के लिए बुलाया था जहां शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और वे हमेशा शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
जेडीयू की नाराजगी और दल-बदल कानून पर सियासत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के प्रत्याशी रहे आनंद पुष्कर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने गठबंधन धर्म और राजनीतिक साजिश को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की एमएलसी सदस्यता को संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत रद्द करने की मांग उठाई है।
विधान परिषद चुनाव परिणाम एक नजर में
| निर्वाचन क्षेत्र | विजेता उम्मीदवार | पराजित जेडीयू उम्मीदवार |
|---|---|---|
| तिरहुत स्नातक सीट | बंशीधर ब्रजवासी (निर्दलीय) | अभिषेक झा |
| सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | राहुल राज (निर्दलीय) |
इन दोनों सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत और उसके बाद राजनीतिक दलों में उनके शामिल होने की चर्चाओं ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा दिया है। फिलहाल बंशीधर ब्रजवासी के ताजा बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नए समीकरणों और बयानों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।







