Supaul News के तहत Supaul जिले के मरौना प्रखंड में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। अब तक किराए के निजी भवनों में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी सरकारी विद्यालयों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केंद्रों के संचालन में आने वाली भवन संबंधी समस्याओं को दूर करना और उपलब्ध सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक स्तर पर बनी नई कार्ययोजना
इस पूरी व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी रचना भारतीय ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मरौना के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई जो फिलहाल किराए के मकानों में चल रहे हैं। अधिकारियों ने आसपास के सरकारी विद्यालयों की उपलब्धता और वहां केंद्रों के संचालन की संभावनाओं का आकलन कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार की है।
बाल विकास केंद्रों का संचालन बच्चों के हित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इनके लिए उपयुक्त और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सरकारी स्कूलों में मिलेगा बेहतर शैक्षणिक माहौल
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सरकारी विद्यालयों के परिसर में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से नौनिहालों को एक व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण मिलने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच आपसी समन्वय भी बेहतर होगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न किया जाए और योजना को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाए।
कायाकल्प योजना की प्रगति पर भी मंथन
बैठक के दौरान विद्यालयों से जुड़ी कायाकल्प योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई। बीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए चल रहे कार्यों की गति को और तेज किया जाए। प्राथमिकता के आधार पर लंबित कार्यों को पूरा करने और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है, ताकि समय पर सभी आवश्यक सुविधाओं का विकास हो सके।







