Bihar Education Department: बिहार के शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने कमान संभालते ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग ने एक साथ 10 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और 9 जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) का तबादला कर दिया है। इस व्यापक बदलाव को वेतन भुगतान के नाम पर हुई 34 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने पूरे महकमे में हलचल मचा दी है।

इस फेरबदल से Bihar के पटना, सीवान, भागलपुर, नवादा, पूर्वी चंपारण सहित कई जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक जिम्मेदारियां बदल गई हैं। कई पुराने अधिकारियों को हटाकर नई तैनाती की गई है, जबकि कुछ को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) और शिक्षा विभाग मुख्यालय भेजा गया है।

शिक्षा विभाग में DEO के पदों पर बड़ा बदलाव
पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में नई जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह सरस्वती कुमारी को पटना का नया DEO बनाया गया है। पूर्वी चंपारण के DEO राजन कुमार गिरी और नवादा के DEO दीपक कुमार को भी बिहार बोर्ड से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सीवान के जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह को शिक्षा विभाग के मुख्यालय में योजना और अनुश्रवण कोषांग का सहायक निदेशक बनाया गया है। उनकी जगह सीतामढ़ी के DEO राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को सीवान भेजा गया है। भागलपुर में भी मुकेश कुमार को नया DEO नियुक्त किया गया है, जो पहले बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के उप सचिव थे। दिनेश कुमार पासवान सीतामढ़ी के, प्रफुल्ल कुमार मिश्रा पूर्वी चंपारण के और सुभाष कुमार नवादा के जिला शिक्षा पदाधिकारी बनाए गए हैं।
9 जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों का भी तबादला
जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ-साथ 9 जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) के स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। विनय कुमार सुमन को खगड़िया, आनंद कुमार को मुंगेर और विकास कुमार डीएन को औरंगाबाद भेजा गया है। तारिक सज्जाद को मधेपुरा और रजनीश कुमार साहू को भागलपुर की जिम्मेदारी मिली है।
भोला कुमार कर्ण गोपालगंज के नए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बनाए गए हैं, जबकि कुमार अभिजीत को पूर्वी चंपारण में तैनात किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के सहायक निदेशक राजीव कुमार और रवि कुमार को बक्सर का DPO नियुक्त किया गया है।
34 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला
इस प्रशासनिक बदलाव के पीछे शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान के नाम पर हुई कथित अवैध निकासी का बड़ा मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभाग में कुल 34 करोड़ 11 लाख 56 हजार 604 रुपये की अवैध निकासी का खुलासा हुआ है।
यह चौंकाने वाला मामला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया था, जहां वेतन भुगतान में बड़ी वित्तीय गड़बड़ी पाई गई। इस खुलासे के बाद विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई और राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 29 करोड़ रुपये वापस कराए जा चुके हैं, जिससे विभाग की सक्रियता स्पष्ट होती है।
यह फेरबदल और वित्तीय अनियमितता पर कार्रवाई, शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।







