Bhagalpur Dhanteras: भागलपुर में इस बार धनतेरस का कारोबार कई चुनौतियों के बीच उम्मीद से कहीं बेहतर रहा. मानसून में चार बार बाढ़ की मार झेलने और विक्रमशिला पुल हादसे के कारण व्यापारिक आवाजाही प्रभावित होने के बाद भी, भागलपुर प्रक्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान लगाया गया है. ग्राहकों के उत्साह ने बाजार की रौनक लौटा दी, जिससे कारोबारियों को भी राहत मिली.

इस बार ग्राहकों की पसंद में एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिला. पारंपरिक सोना-चांदी के साथ-साथ लग्जरी कारों और बाइक्स की मांग ने कारोबारियों को चौंका दिया. सर्राफा बाजार से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन की दुकानों तक पर जमकर खरीदारी हुई. हालांकि, रियल एस्टेट और लैपटॉप जैसे कुछ सेक्टर विक्रमशिला पुल हादसे के असर से अछूते नहीं रहे.
लग्जरी कारों की बुकिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, कंपनियों को डिलीवरी में छूटे पसीने
धनतेरस पर ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों का जबरदस्त उत्साह दिखा. अलीगंज, रानी तालाब, सबौर और जीरोमाइल क्षेत्र के शोरूम में पहले से ही गाड़ियों की लंबी बुकिंग लिस्ट थी. लग्जरी गाड़ियों का दबदबा साफ नजर आया, जिनकी डिलीवरी के बाद सड़कों पर भी भीड़ और जाम की स्थिति बनी रही.
ऑटोमोबाइल कारोबारियों के अनुसार, इस सेक्टर में 120 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ. महिंद्रा शोरूम के प्रोपराइटर ने बताया कि उनके यहां करीब 100 गाड़ियों की डिलीवरी हुई, जिससे लगभग 20 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. थार, स्कॉर्पियो एन और एक्सयूवी 3एक्सओ ग्राहकों की पहली पसंद बनीं. टाटा मोटर्स के मैनेजर ने जानकारी दी कि उनके शोरूम से 60 गाड़ियों की डिलीवरी का अनुमान था, जिससे करीब छह करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है. पंच, नेक्सॉन और एरिस की मांग अधिक रही, हालांकि कुछ लोकप्रिय मॉडल उपलब्ध न होने से ग्राहकों को इंतजार भी करना पड़ा. मारुति, हुंडई, किआ, होंडा, एमजी, रेनॉल्ट और टोयोटा जैसी अन्य कंपनियों की गाड़ियों की बुकिंग के आधार पर 70 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान बताया गया है.
बाइक बाजार में भी दिखा खरीदारी का जुनून, हजारों दोपहिया वाहन घरों में पहुंचे
कारों के साथ दोपहिया वाहनों की खरीदारी भी खूब हुई. एक बड़े बाइक शोरूम के जीएम ने बताया कि पूरे जिले में करीब 6000 बाइक की डिलीवरी हुई, जिससे लगभग 60 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. अकेले उनके शोरूम से हीरो कंपनी की करीब 1200 बाइक ग्राहकों को दी गईं, जिसमें ग्लैमर और स्प्लेंडर की मांग सबसे अधिक रही.
होंडा के प्रोपराइटर के मुताबिक, उनके शोरूम से 450 गाड़ियों की डिलीवरी हुई, जबकि पूरे जिले में होंडा की कुल डिलीवरी करीब 700 रही. बजाज के प्रोपराइटर ने अपने शोरूम से 273 गाड़ियों की डिलीवरी की जानकारी दी. होंडा और बजाज से जुड़े कारोबार का अनुमान करीब 10 करोड़ रुपये रहा. टीवीएस के मैनेजर ने बताया कि उनके यहां से 100 गाड़ियों की डिलीवरी हुई, जिससे लगभग 90 लाख रुपये का कारोबार हुआ. परिवारों और युवाओं की दिलचस्पी ने बाइक बाजार को नई गति दी.
सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव के बावजूद सर्राफा बाजार में 100 करोड़ से अधिक का कारोबार
ऑटोमोबाइल के बाद सर्राफा बाजार भी धनतेरस पर आकर्षण का बड़ा केंद्र रहा. इस बार ब्रांडेड ज्वेलरी की ओर ग्राहकों का रुझान अधिक दिखा. तनिष्क, स्वर्णिका, हरिओम लक्ष्मीनारायण और कल्याण ज्वेलर्स जैसे शोरूम के साथ सामान्य आभूषण दुकानों में भी खरीदार पहुंचे.
कारोबारियों ने पूरे भागलपुर में सोना-चांदी और आभूषण का कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान जताया. स्वर्णिका और कल्याण ज्वेलर्स के प्रोपराइटर विशाल आनंद ने बताया कि सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद अचानक आई गिरावट का लाभ ग्राहकों ने उठाया. लोगों ने सिक्कों के साथ हल्के वजन के आभूषण भी खरीदे. जिला स्वर्णकार संघ के पूर्व सचिव विजय साह, दीपक सोनी, दीपक पोद्दार और मुकेश साह ने कहा कि धनतेरस को लेकर सोनापट्टी को दुल्हन की तरह सजाया गया था. ग्राहकों ने शगुन के तौर पर चांदी के सिक्कों की भी खरीदारी की.
धनतेरस के दिन बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोने की कीमत 1.33 लाख रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 1.13 लाख रुपये रही. चांदी 1.90 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बिकी. 10 ग्राम का चांदी का सिक्का 1900 रुपये और पुराना सिक्का 2500 से 2800 रुपये तक में बिका.
मोबाइल और लैपटॉप कारोबार को पुल हादसे ने दिया झटका
मोबाइल और लैपटॉप बाजार में धनतेरस के बावजूद कारोबारियों को उम्मीद के मुताबिक ग्राहक नहीं मिले. इस सेक्टर में करीब 15 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान बताया गया. चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शरद सलारपुरिया के अनुसार, मोबाइल कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक रहा.
वहीं, लैपटॉप के बड़े कारोबारी मनीष बुचासिया ने बताया कि इस बार कारोबार उम्मीद से काफी कम रहा. उन्हें 900 से अधिक लैपटॉप बिकने की उम्मीद थी, लेकिन बिक्री अनुमान का 50 प्रतिशत भी नहीं पहुंच सकी. लैपटॉप, कंप्यूटर और संबंधित सामान से करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. कारोबारियों ने विक्रमशिला पुल हादसे को इसकी बड़ी वजह बताया.
इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन बाजार में ओलेड टीवी से लेकर एंटिक बर्तनों की मांग
इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन बाजार में भी धनतेरस की रौनक बनी रही. इस सेक्टर में 50 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान लगाया गया. आदित्य विजन के मैनेजर संजय कुमार ने बताया कि इस बार ग्राहकों को एलईडी टीवी के अपग्रेड वर्जन ओलेड ने आकर्षित किया. उन्होंने बताया कि 65 इंच का ओलेड टीवी करीब 1.50 लाख रुपये में उपलब्ध था, जबकि 65 इंच का एलईडी टीवी 50 हजार रुपये और 43 इंच का ओलेड टीवी 38 हजार रुपये में उपलब्ध था. इसके अलावा फ्रिज, वाशिंग मशीन और हीटर की भी खरीदारी हुई.
इलेक्ट्रिकल कारोबारी नवनीत ढांढानिया के अनुसार, ठंड का मौसम शुरू होने के बावजूद पंखा, कूलर, इंडक्शन और मिक्सी ग्राइंडर की बिक्री हुई, खासकर गृहिणियों ने मिक्सी ग्राइंडर और माइक्रोवेव ओवन की खरीदारी की. बर्तन कारोबारी दीपक कुमार ने बताया कि पीतल, तांबा और कांसा के बर्तनों की कीमत दोगुनी होने के बावजूद ग्राहकों की खरीदारी में कमी नहीं आई. इस बार एंटिक डिजाइन वाले बर्तनों की भी मांग रही.
घर सजाने के लिए फर्नीचर और फर्निशिंग पर खर्च, झाड़ू से भी डेढ़ करोड़ की कमाई
दीपावली से पहले घर को नया लुक देने की तैयारी भी बाजार में खरीदारी की बड़ी वजह बनी. फर्निशिंग कारोबार से करीब चार करोड़ और फर्नीचर से छह करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. कारोबारी कुंजबिहारी झुनझुनवाला ने बताया कि बाजार में तरह-तरह के कालीन उपलब्ध हैं और त्योहार के इस सीजन में इनकी मांग बनी हुई है. धनतेरस पर झाड़ू की खरीदारी का पारंपरिक महत्व भी बाजार में दिखा. शहर के चौक-चौराहों पर झाड़ू के स्टॉल लगे थे. नारियल का झाड़ू 40 रुपये और फूल झाड़ू 60 से 80 रुपये तक बिका. जिले में लाखों लोगों ने झाड़ू खरीदे, जिससे डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का अनुमान लगाया गया.
रियल एस्टेट में निवेश से पीछे हटे खरीदार, कारोबार में 10 से 15 प्रतिशत की गिरावट
जहां दूसरे बाजारों में खरीदारी का उत्साह दिखा, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सका. क्रेडाई के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि गंगा पुल बंद होने के कारण इस बार रियल एस्टेट बाजार में उत्साह कम रहा. लोगों ने निवेश के फैसले टाल दिए. उनके अनुसार, जिले में फ्लैट और कॉमर्शियल स्पेस से करीब 15 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जबकि लगभग 35 करोड़ रुपये के सैकड़ों प्लॉट की बुकिंग हुई. कुल मिलाकर रियल एस्टेट कारोबार करीब 50 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. इस क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में 10 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई.
चुनौतियों के बीच बाजार ने दिखाई मजबूती, अब कारोबारियों की निगाह आगे के त्योहारों पर
यह धनतेरस भागलपुर के बाजार की मजबूत तस्वीर पेश करता है. बाढ़ और विक्रमशिला पुल हादसे के कारण कारोबार पर दबाव रहा, लेकिन त्योहार की खरीदारी ने कई सेक्टर को मजबूती दी. लग्जरी कारों, बाइक, सोना-चांदी और घरेलू सामान की मांग ने बाजार में रौनक बनाए रखी. यह कारोबार अलग-अलग व्यापारिक संगठनों और कारोबारियों के अनुमान पर आधारित है, इसलिए 500 करोड़ रुपये से अधिक के कुल कारोबार को बाजार का एक मजबूत अनुमान माना जाना चाहिए.
अब कारोबारियों की उम्मीद दीपावली और छठ के आसपास जारी रहने वाली खरीदारी पर टिकी है. बाजार की अगली चुनौती यह होगी कि पुल से जुड़ी आवाजाही की परेशानी और अन्य स्थानीय दिक्कतों के बावजूद ग्राहकों का उत्साह किस तरह बरकरार रहता है.
धनतेरस पर सन्हौला बाजार में उमड़ी भीड़, जाम में फंसी एंबुलेंस; राहगीर परेशान
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक लगा रहा जाम, टेंपो-टोटो के बेतरतीब ठहराव से बढ़ी परेशानी; सोना-चांदी, बर्तन और झाड़ू की दुकानों पर रही भीड़
भागलपुर जिले के सन्हौला बाजार में धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार को सन्हौला बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोना-चांदी, बर्तन समेत अन्य दुकानों पर लोगों की काफी भीड़ देखी गई। लोग धनतेरस के शुभ अवसर पर उत्साह के साथ खरीदारी करते नजर आए। सबसे अधिक भीड़ झाड़ू की दुकानों पर देखने को मिली। हालांकि, त्योहार की रौनक के बीच बाजार में जाम की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। जाम में एंबुलेंस भी फंसी रही, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई।
दोपहर करीब 12 बजे से बाजार में जाम लगना शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक जारी रहा। खबर लिखे जाने तक भी बाजार में जाम की स्थिति बनी हुई थी। इसके कारण बाजार आने-जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दुकानदारों ने बताया कि जाम के कारण दुकानदारी करने में भी परेशानी हो रही है। ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ राहगीरों ने बताया कि सन्हौला बाजार के दोनों ओर टेंपो और टोटो खड़े कर दिए जाते हैं। इसके कारण सड़क पर आवागमन बाधित होता है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। राहगीरों का कहना था कि बाजार में यातायात नियमों का भी पालन नहीं किया जाता है। वाहनों के बेतरतीब परिचालन और सड़क किनारे खड़े टेंपो-टोटो के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है।
कुछ अन्य राहगीरों ने बताया कि सन्हौला बाजार में जाम की समस्या कोई नई बात नहीं है। यहां प्रतिदिन जाम लगता है। सोमवार और शुक्रवार को लगने वाली हटिया के दिन स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। धनतेरस के कारण शुक्रवार को बाजार में खरीदारों की भीड़ बढ़ने से जाम की समस्या और बढ़ गई।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने बाजार में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, टेंपो-टोटो के लिए व्यवस्थित ठहराव की व्यवस्था करने और जाम से निजात दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाजार में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर एंबुलेंस के आवागमन में बाधा नहीं आए।








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