- Advertisement -
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 

70वीं BPSC का बड़ा धमाका: दरभंगा के 3 श्रम अधिकारी रातों-रात बने SDM और Tax Commissioner, जानें कैसे?
2 

NEET Re-Exam: क्या दूसरी बार भी लीक हुआ पेपर? NTA और PIB ने दी बड़ी जानकारी, छात्रों को किया सावधान!
3 

Nepal में तख्तापलटने की भविष्यवाणी करने वाले लक्की बिष्ट ने वीडियो में क्या कहा: बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर में पूर्व RAW एजेंट का ‘बड़ा ऐलान’, क्या होगा अब?
4 

बिहार के खूंखार अपराधी लल्लन सिंह का यूपी में ‘गेम ओवर’, 7 हत्याएं कर मचाया था आतंक, पुलिस ने किया ढेर!
5 

Bihar Politics: नीतीश के उत्तराधिकारी पर Bihar Politics में न्यू ट्वीस्ट… उबाल! ‘लव-कुश’
6 

DARBHANGA की ‘लेडी सिंघम’: काम्या मिश्रा की सियासत में एंट्री? खान सर को बताया ‘क्रांतिदूत’, इन बातों पर खुलकर बोलीं, जानिए क्यों छोड़ी थी नौकरी और क्या है ‘ प्लान ‘?
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की शिकस्त के बाद से पार्टी के अंदर वरिष्ठ नेता और केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजवर्गीय की भूमिका पर सवाल खड़े होते रहे हैं। अब शुक्रवार को महानगर के विभिन्न इलाकों में कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ पोस्टर सामने आये हैं। उन पोस्टरों पर ‘गो बैक’ लिखा हुआ है। साथ ही उन पर भाजपा छोड़कर तृणमूल में जा चुके मुकुल रॉय के साथ मिलकर सेटिंग (दलाली) के आरोप लगाए गए हैं।
एयरपोर्ट इलाके के साथ-साथ हेस्टिंग्स और मुरलीधर स्ट्रीट स्थित भाजपा कार्यालय के सामने भी पोस्टर साटे गए हैं। इनमें कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर है। बैकग्राउंड में मुकुल रॉय के साथ उनकी बातचीत करती हुई तस्वीर दिखाई दे रही है।
फोटो के नीचे लिखा हुआ है, ‘टीएमसी सेटिंग मास्टर।’ बता दें कि मुकुल रॉय को कैलाश विजयवर्गीय का काफी करीबी माना जाता था, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद मुकुल रॉय ने पाला बदल लिया और तृणमूल में वापस लौट गए। इसे लेकर पार्टी में सवाल उठाए जाते रहे हैं।
पार्टी नेता एवं मेघालय और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय भी दिलीप घोष, कैलाश विजयवर्गीय सहित प्रदेश के कई नेताओं के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं।
शोभन चटर्जी ने लगाया केंद्रीय नेतृत्व को गलत जानकारी देने का आरोप
दूसरी ओर, तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद मनचाही सीट से टिकट न मिलने से नाराज होकर भाजपा से इस्तीफा देने वाले कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी ने कहा कि भाजपा की बंगाल विधानसभा में हार इसलिए हुई क्योंकि पार्टी की राज्य इकाई ने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और अमित शाह को जमीनी हकीकत के बारे में गलत जानकारी दी है।
सभी फर्जी सूचनाओं को जमीनी हकीकत से ज्यादा तरजीह दी गई। चुनावों के दौरान भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को ‘फर्जी सूचना’ दी जा रही थी। जिन भाजपा नेताओं को पश्चिम बंगाल भेजा गया था, वे गलत संचार में उलझे हुए थे और हर चीज के लिए वर्चुअल (ऑनलाइन) मीटिंग कर रहे थे।(west-bengal-poster-against-general-secretary-kailash-vijayvargiya-in-front-of-bengal-bjp-office-reads-go-back)
- Advertisement -








