मुख्य बातें
खजौली प्रखंड के ठाहर गांव की है घटना
मामले की जांच में जुटी पुलिस
खजौली, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव स्थित रामजानकी मंदिर से बीती रात अपराधियों ने मंदिर के पुजारी सुशील दास को बंधक बनाकर अष्टधातु की चार मूर्ति उठाकर ले गए। जिसमें राम, लक्ष्मण, हनुमान एवं श्रीकृष्ण जी के अष्टधातु की मूर्तियां शामिल हैं।






इसकी लंबाई दो से ढाई फीट बतायी जा रही है। चोरी की गई सभी मूर्तियां 150 वर्ष पुरानी हैं। जिसका वजन 75 से 80 किलो हो सकता है। जिसका बाजार मूल्य लाखों रुपए आंका जा रहा है। घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है। पुजारी सुशील दास के लिखित आवेदन पर खजौली थाना में एफआईआर दर्ज हुआ है।
थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह एवं पुलिस इंस्पेटक्टर राजकिशोर शर्मा घटना स्थल पर पहुंचकर घटना से संबंधित आवश्यक सभी बिन्दुओं पर बारीकी से जांच कर रहे हैं। पुजारी सुशील दास ने कहा कि शनिवार की रात वे मंदिर के गेट पर सोये हुए थे। रात के करीब एक एक बजे पांच से छह की संख्या में अपराधी आए। 
पहले मेरे दोनों हाथ प्लास्टिक की रस्सी एवं मेडिकल टेप से बांध दिया। मुंह में कपड़े डालकर गमछी से मुंह बांध दिया। कुछ चोर शरीर पर बैठ गए और मारपीटकर जख्मी कर दिया। मंदिर में ताला नहीं लगा था। केवल कुंडी ही लगी हुई थी।
अपराधी अष्टधातु की बनी सीता जी की प्रतिमा को छोड़ शेष चार मूर्तियां जिनमें राम लला, लक्ष्मण, हनुमान एवं कृष्ण जी के लेकर चले गए। बाद में लोग एक जुट हुए तो मुझे बंधन से मुक्त कराया। थाना अध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह ने बताया कि पुलिस हर बिंदुओं पर जांच कर रही है। मामले के उद्भेदन के लिए तकनीकी सेल का भी सहारा लिया जा रहा है। शीघ्र ही घटना का उद्भेदन कर लिया जाएगा।
वर्ष 2006 में भी ठाहर गांव से हो चुकी है अष्टधातु की मूर्ति की चोरी
प्रखंड सहित ठाहर गांव में मंदिरों से अष्टधातु की मूर्ति चोरी की घटना बंद होने के नाम ही नहीं ले रही है। चोर इसे सबसे आसान एवं सेफ धंधा मानने लगे हैं। बता दें कि इसी गांव में वर्ष 2006 में भी दूसरे रामजानकी मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति की चोरी हुई थी प्राथमिकी भी हुई लेकिन पुलिस आज तक उद्भेदन नही कर पाई। मूर्ति चोरी के मामले में पुलिस भी केवल कागजी कार्रवाई कर अपना पल्ला झाड़ लेती है।
अब देखना है कि इस मामले में सफलता मिलती है अथवा नहीं। धीरे-धीरे सभी मंदिरों से अष्टधातु की बहुमूल्य मूर्तियों के चोरी होने का सिलसिला जारी है। बता दें कि वहीं कुछ वर्ष पहले बेंता मंदिर से भी अष्टधातु की बनी राधाकृष्ण की मूर्ति की चोरी हुई थी। उस मामले में भी पुलिस के हाथ खाली ही रह गए।









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