घोघरडीहा, मधुबनी देशज टाइम्स। घोघरडीहा रेलवे परिसर में हर हाल में रैक प्वाइंट बनाए जाने को लेकर आमजनों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। ज्ञात हो कि घोघरडीहा बाजार आजादी के बाद से बड़ा व्यावसायिक मंडी माना जाता था। यह बड़ी-बड़ी राइस मिल, पटसन, किराना, कपड़ा, खाद आदि का व्यवसायिक मंडी माना जाता था।
व्यवसायिक मंडी रहने के कारण पहले जिले के चार विधानसभा वर्तमान में तीन विधानसभा क्षेत्र के लोग समेत सीमावर्ती क्षेत्र सुपौल जिले के भी अधिकांश लोग घोघरडीहा पहुंचकर लाभ उठाते थे। जानकारों का यह भी कहना है कि माल ट्रेन से प्रतिदिन व्यापारियों का सामान उतारा जाता था। साथ ही कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में देश के अन्य राज्यों में माल ट्रेन के माध्यम से भेजा जाता था।






घोघरडीहा के अंतिम माल बाबू के नाम से विख्यात वीरेंद्र झा उर्फ माल बाबू की चर्चा आज भी लोग करते हैं। उन्हीं के देख रेख में माल ट्रेन से सारा सामान व्यापारियों को डिलीवरी किया जाता था। अगर घोघरडीहा में दोबारा रैक प्वाइंट बनाया जाता है तो क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
घोघरडीहा कोसी कमला व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार सुलतानियां उर्फ काली बाबू ने बताया कि रैक प्वाइंट समेत तमाम समस्याओं को लेकर घोघरडीहा रेलवे परिसर में कई बार धरना के साथ रेलमंत्री, स्थानीय सांसद एवं डीआरएम को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है।
इसके बावजूद अगर रैक प्वाइंट बनने से रोका गया तो, जारी काम को ठप कर दिया जाएगा। इसके बाद भी बात नही बनी तो घोघरडीहा की जनता रेल का चक्का जाम करेगी। व्यवसायी हरि सुलतानियां, मनोज पंसारी, मनोज अग्रवाल, महेन्द्र प्रधान, अमर झा,अजय झा, उमेश झा, देवेंद्र कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार आदि ने हर हाल में रैक प्वाइंट बने इस बात का समर्थन किया है।








