spot_img

बिहार में दाखिल-खारिज की नई व्यवस्था एक मार्च से…नहीं चलेंगी अब CO और उनके अफसरों की मनमानी…आ रहा FiFo

spot_img
- Advertisement -

बिहार के सभी अंचलों में एक मार्च से राजस्व अधिकारी और अंचलाधिकारी दाखिल-खारिज के मामले निपटाएंगे। अब अंचलाधिकारियों की मनमानी पर रोक लग जाएगी। जमाना आ गया है फीफो का। विभाग के नए नियम से सीओ अब खेल नहीं कर पाएंगें। इनपर नकेल पूरी तरह कस दिया गया है। पढ़िए पूरी खबर

- Advertisement -

नए प्रावधान के तहत अंचल अधिकारी द्वारा दाखिल-खारिज के किसी आवेदन को अस्वीकृत करने के बाद उस पर विचार का अधिकार वे स्वत: खो देंगे। इस नये प्रावधान से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।यही नहीं दाखिल-खारिज में फीफो ( फर्स्ट इन फर्स्ट आउट) का पालन अनिवार्य कर दिया है। यानी, पहले आए आवेदन का निपटारा पहले करना होगा। आवेदनों का निपटारा क्रमानुसार करना अनिवार्य होगा। किसी सूरत में यह क्रम नहीं तोड़ा जा सकेगा।

- Advertisement -

इनके बीच कार्य का बंटवारा हलका के अंक के आधार पर होगा। सम संख्या (2, 4, 6…) वाले हलकों का काम राजस्व अधिकारी करेंगे तो विषम संख्या ( 1, 3, 5…) वाले हलका के दाखिल-खारिज का काम अंचलाधिकारी करेंगे।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Politics: 'निश्चय रथ' पर सवार होकर निकले निशांत, क्या है खास?

विभाग इस बात को लेकर काफी दिनों से गंभीर था कि दाखिल-खारिज आवेदनों का ससमय निष्पादन नहीं हो रहा है। यही नहीं, बिना उचित कारण बताए आवेदनों को रद भी किया जा रहा है।

इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने दाखिल-खारिज की व्यवस्था में कई अहम बदलाव किये हैं। इसी कड़ी में विभाग ने कई नयी व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया है। मामले का त्वरित निष्पादित हो, इसके लिए राजस्व अधिकारी को अंचल अधिकारी की शक्ति दी गयी है।

विभाग ने अंचल, अनुमंडल और जिले में अपने संबंधित अधिकारियों की रैंकिंग भी शुरू की है। इसमें दाखिल-खारिज में ही सर्वाधिक अंक निर्धारित किये गये हैं। अंचल में सीओ, अनुमंडल में डीसीएलआर और जिलों में एडीएम को उनके प्रदर्शन के आधार पर रैंक दिया जा रहा है।

यही नहीं दाखिल-खारिज में FiFo (First in First out) का पालन अनिवार्य कर दिया है। अर्थात, पहले आए आवेदन का निपटारा पहले करना होगा। आवेदनों का निपटारा क्रमानुसार करना अनिवार्य होगा। किसी सूरत में यह क्रम नहीं तोड़ा जा सकेगा।

यह भी पढ़ें:  Cyber Crime In Bihar से मुक्ति! जीविका दीदियां बनेंगी गांवों की 'डिजिटल रक्षक', पुलिस ने उठाया बड़ा कदम

यह भी प्रावधान किया गया है कि अधिकारी अब दाखिल-खारिज को लंबित रखते हुए आगे के आवेदन का निपटारा नहीं कर सकेंगे। क्रमवार सूची में उपलब्ध आवेदन का निष्पादन क्रमवार ही करना होगा।

इस दौरान किसी तरह की परेशानी आने पर उसे एक दिन के लिए सूची से हटाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कारण बताना होगा। इसके लिए ऑनलाइन सिस्टम में ‘स्कीप फॉर द डे’ मेनू जोड़ा गया है। अगले दिन वह सूची में फिर से उपलब्ध रहेगा। अगले दिन सूची से हटाने के पहले फिर कारण बताना अनिवार्य होगा। यह क्रम आगे बढ़ा तो यह भी बताना होगा कि कितने दिनों से उस मामले को हटाया जा रहा है और क्यों।

पूरे प्रदेश में जिस समय से ऑनलाइन दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से कुल 99.50 लाख आवेदन आ चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें से 36.50 लाख मामलों को अस्वीकृत कर दिया गया है। यही नहीं कई मामलों में पहले वाले अस्वीकृत आवेदनों को फिर से आवेदन करने पर निष्पादित भी किया गया है। बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज के मामलों के लंबित रहने और अस्वीकृति के कारण सरकार ने लगभग डेढ़ दर्जन अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई भी की है।

यह भी पढ़ें:  पटना नीट केस: जांच में सुस्ती, आरोपी को जमानत, पीड़िता की मां की बिगड़ी तबीयत... क्या कर रही CBI?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पिछले 18 जनवरी को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पांच अंचलों पटना के फतुहा, भागलपुर के सबौर, सीवान के सीवान सदर, किशनगंज के ठाकुरगंज और समस्तीपुर के कल्याणपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे लागू किया गया था। उसके सफल परिणाम आने के बाद अब यह सभी 534 अंचलों में लागू होगा। हमने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। यह भी प्रावधान किया गया है कि अधिकारी अब दाखिल-खारिज को लंबित रखते हुए आगे के आवेदन का निपटारा नहीं कर सकेंगे। क्रमवार सूची में उपलब्ध आवेदन का निष्पादन क्रमवार ही करना होगा।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Politics: ‘निश्चय रथ’ पर सवार होकर निकले निशांत, क्या है खास?

Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में आज एक नई हलचल मच गई है। पूर्व...

पटना नीट केस: जांच में सुस्ती, आरोपी को जमानत, पीड़िता की मां की बिगड़ी तबीयत… क्या कर रही CBI?

पटना नीट केस: पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत...

Bihar News: बिहार में कुकिंग कोयला के थोक विक्रेता बनने का सुनहरा मौका, ऐसे करें आवेदन!

कुकिंग कोयला बिहार: अगर आप बिहार में अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहते हैं या नए...