
बिहार पुलिस ने बड़ा फैसला किया है। अब अपराधियों पर नकेल की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत पूरे बिहार के काफी तंग और संकरी गलियों में भी पुलिस घुसेगी। इन इलाकों में चाहे कितनी भी बड़ी इमरजेंसी क्यों न हो जाए बड़ी गाड़ियां भले ना पहुंचे लेकिन पुलिस पहुंच जाएगी।
क्योंकि बिहार पुलिस अब इमरजेंसी रिस्पांस सर्विस सिस्टम (ERSS)-112 के दूसरे चरण से जुड़ने जा रही है। इसके तहत बिहार पुलिस मुख्यालय कई चीजों पर बारीकी से हर पहलुओं पर गौर कर रहा है। ऐसे में इन रास्तों पर सिर्फ बाइक ही जाएगी सो, जिन स्थानों पर बड़ी गाड़ी नहीं पहुंच सकती है, वहां के लिए दूसरे चरण में बाइक खरीदा जाएगा। फिलहाल बाइक की संख्या, इस पर कितने लोग जाएंगे और कैसे जाएंगे इसके लिए पुलिस डिपार्टमेंट लगातार काम कर रही है।
जानकारी के अनुसार, एडीजे मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दूसरे चरण के लिए कुछ पद स्वीकृत किए गए हैं। एक बार इन पदों पर विधिवत तरीके से सृजित हो जाएं। इसके बाद उनके लिए और भी गाड़ियां लेनी है। नई गाड़ियां कैसी लेनी है इसके लिए कुछ सुझाव मांगे गए हैं और कुछ आने अभी भी बाकी हैं।
उन्होंने बताया कि ERSS-112 का सेकेंड वैसे तो पिछले महीने दिसंबर में ही शुरू होने वाली थी। मगर, इसमें देरी हुई है। जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि सेकेंड फेज के लिए कुछ पद स्वीकृत किए गए हैं। विधिवत तरीके से पद सृजित हो जाएंगे। इसके लिए और भी गाड़ियां लेनी है। अब नई गाड़ियों किस तरह की लेनी है, इसके लिए कुछ मंतव्य जुटाए गए हैं और कुछ आने बाकी हैं।







