मुख्य बातें: पीएम मोदी के स्वच्छता सेवा के जमीनी सच्चाई की पोल खोलता खाजेडीह चौक स्थित कर्पूरी पार्क, लगा है कचरों का अंबार, सुधि लेना वाला कोई नहीं, देशज टाइम्स फोटो: खाजेडीह चौक के पास कर्पूरी पार्क में लगा कचरे का ढ़ेर
लदनियां, मधुबनी देशज टाइम्स। खाजेडीह चौक स्थित कर्पूरी पार्क में महीनों से लगे गन्दे कचरे व कंटीले घास का अंबार पीएम मोदी के स्वच्छता सेवा के जमीनी सच्चाई की पोल खोलता है।






जानकारों का कहना है कि खोजा पंचायत की मुखिया फूलकुमारी देवी ने करीब 11 वर्ष पूर्व अपने मुखिया कार्यकाल में लाखों रुपये के लागत से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व जननायक स्व.कर्पूरी ठाकुर के नाम पर कर्पूरी पार्क बनवाया था जो वर्तमान में गंदगी, कचरे व कंटीले घास से पटा पड़ा है।
बिडंबना है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर बड़े पैमाने पर देशभर में 1 अक्टूबर को स्वच्छता सेवा चलाया गया। यहां तक कि प्रखंड क्षेत्र में लोहिया स्वच्छता अभियान चलाये जा रहे हैं।पंचायतों में लोहिया स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किये गए। खोजा चौक इस प्रखंड के मीडिल सेंटर माना जाता है।
खेद की बात है कि स्वच्छता अभियान की बात तो दूर है स्वच्छता सेवा के अवसर पर भी प्रखंड विकास पदाधिकारी लदनियां एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान कर्पूरी पार्क की साफ-सफाई करवाने की ओर नहीं जा सका। जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री व जननायक स्व.कर्पूरी ठाकुर को भारत के सर्व श्रेष्ठ पुरस्कार भारत रत्न से सम्मनित करने की मांग सभी राजनीतिक दलों द्वारा जोर पकड़ने लगा है।
बता दें कि खाजेडीह चौक के पास पीडब्ल्यूडी सड़क किनारे पंचायत विकास योजना मद से मुखिया फूलकुमारी देवी ने करीब 11 वर्ष पूर्व लाखों रुपये के लागत से कर्पूरी पार्क का निर्माण वर्ष 13-14 में पंचायत विकास मद से कराया था। पार्क निर्माण से लोगों में काफी खुशी थी।चूंकि पार्क से सटे पूरब कर्पूरी भवन जो बदहाली से गुजर रहा है।
बस ठहराव स्थल करीब रहने से यात्रियों को परेशानी के मद्देनजर पूर्व विधान पार्षद स्व. रामेश्वर राय के ऐच्छिक कोष से निर्माण करवाया गया। जिसे निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही अतिक्रमित कर लिया गया। आए दिन कर्पूरी पार्क का दुरुपयोग कर लोगों के द्वारा वहां कचरे का अंबार लगाया जा रहा है।







