
बेतिया स्कूल तालाबंदी: अरे भैया, अब स्कूल में बच्चों को पढ़ाएगा कौन, जब मास्टर साहब ही गायब रहेंगे? बेतिया के नरकटियागंज में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां मुजौना प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने सीधे स्कूल के गेट पर ही ताला जड़ दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन ने स्कूल की व्यवस्था और हेडमास्टर की लापरवाही की पोल खोल दी।
बेतिया स्कूल तालाबंदी: ग्रामीणों के क्या थे आरोप?
नरकटियागंज प्रखंड के डीके शिकारपुर पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय मुजौना में गुरुवार को ग्रामीणों ने स्कूल की बदहाली और प्रधान शिक्षक अबुलैस अंसारी की अनुपस्थिति पर जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने हेडमास्टर पर लापरवाही, फंड के दुरुपयोग और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए। मौके पर मौजूद मुखिया राहुल जायसवाल ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि स्कूल में पढ़ाई महज औपचारिकता बनकर रह गई है। बच्चों की नियमित उपस्थिति नहीं होती और कई बार प्रधान शिक्षक भी बिना सूचना के अनुपस्थित रहते हैं। गुरुवार को भी हेडमास्टर अंसारी स्कूल में मौजूद नहीं थे, जिससे ग्रामीणों का पारा और चढ़ गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मिड-डे मील और फंड के दुरुपयोग की शिकायतें
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मिड-डे मील योजना में भी गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिलता और उसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब रहती है। इसके अलावा, स्कूल का शौचालय अक्सर बंद रहने से बच्चों को खासी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने विद्यालय फंड के दुरुपयोग और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने के नाम पर 200 से 400 रुपये तक की अवैध वसूली का भी आरोप लगाया। उनकी शिकायत है कि जब वे इन मुद्दों को उठाते हैं, तो उन्हें धमकाया जाता है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस हस्तक्षेप के बाद खुला ताला, जांच के आदेश
करीब तीन घंटे तक चली तालाबंदी और हंगामे के बाद, शिकारपुर थानाध्यक्ष ज्वाला सिंह मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप और समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया और स्कूल का ताला खोल दिया। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की सूचना शिक्षा विभाग को दे दी गई है और विभाग इसकी विस्तृत जांच करेगा। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे विद्यालय की व्यवस्था में सुधार लाया जा सके। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को सामने लाती है, जहां देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अभी भी मूलभूत सुविधाओं और जवाबदेही का अभाव है। इस बेतिया स्कूल तालाबंदी मामले पर शिक्षा विभाग की नजर है।







