
ग्लास ब्रिज: बिहार के सुल्तानगंज में स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम जल्द ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अनोखी सौगात लेकर आ रहा है। 20 करोड़ की लागत से बनने वाला यह आकर्षक ग्लास ब्रिज गंगा नदी के ऊपर 200 फीट की ऊंचाई पर निर्मित होगा, जो इस धार्मिक स्थल को एक नई पहचान देगा। श्रावणी मेला से पहले इसे जनता के लिए खोलने की तैयारी है।
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में स्थित अजगैबीनाथ धाम एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है, खासकर श्रावणी मेला के दौरान यहां कांवड़ियों का तांता लगा रहता है। अब इस पावन भूमि पर बिहार का दूसरा ग्लास ब्रिज बनने जा रहा है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पहल न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगी।
अजगैबीनाथ धाम में तैयार होगा यह भव्य ग्लास ब्रिज
लगभग 30 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा यह आकर्षक ग्लास ब्रिज गंगा नदी के ऊपर, पार्वती मंदिर के उत्तर दिशा में बनाया जाएगा। इसकी ऊंचाई लगभग 200 फीट होगी, जहां से पर्यटक बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, उत्तरवाहिनी गंगा और अजगैबी पहाड़ी का विहंगम दृश्य देख सकेंगे। नीचे बहती गंगा में डॉल्फिन का नजारा भी पर्यटकों के लिए एक खास अनुभव होगा। एक समय में अधिकतम 40 लोग इस पुल पर खड़े हो पाएंगे, जिससे सुरक्षा और आनंद दोनों सुनिश्चित हो सकें।
पर्यटन और धार्मिक महत्व को मिलेगी नई पहचान
इस परियोजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाले पारदर्शी कांच का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही, सेल्फी पॉइंट, प्रतीक्षालय और टिकट काउंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पुणे की एक निजी कंपनी को इसके निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है, जिसने तय समय सीमा में काम पूरा करने का भरोसा दिया है। स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को एक नया और रोमांचक अनुभव मिल सके।
अजगैबीनाथ धाम अपनी धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के कारण लाखों लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यहां का प्राचीन शिव मंदिर सावन महीने में विशेष रूप से श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन जाता है, जहां दूर-दूर से कांवड़िया जल लेकर भगवान शिव को अर्पित करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवड़ यात्रा की शुरुआत भी यहीं से होती है, जिससे इस स्थल की महत्ता और बढ़ जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






