
Water Supply Crisis: अकबरनगर के वार्ड नंबर 10 में पिछले एक हफ्ते से बूंद-बूंद पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में करीब 200 घरों की नल-जल आपूर्ति ठप पड़ गई है। आखिर क्यों इतनी बड़ी आबादी को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है?
Water Supply Crisis: क्यों ठप हुई नल-जल योजना?
नगर पंचायत अकबरनगर के श्रीरामपुर स्थित वार्ड संख्या 10 में पिछले लगभग एक सप्ताह से नल-जल योजना के तहत मिलने वाली पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। इस गंभीर पेयजल संकट के कारण करीब 200 घरों के लोग पीने और घरेलू उपयोग के पानी के लिए परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले वार्ड में पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसी दौरान एक व्यक्ति के पुराने दीवार को तोड़ा जा रहा था, जिससे नल-जल योजना का पाइप क्षतिग्रस्त हो गया।
आरोप है कि पाइप की मरम्मत कराने के बजाय, उसी क्षतिग्रस्त पाइप के ऊपर दोबारा दीवार खड़ी कर दी गई। इसके बाद से ही पूरे इलाके की जलापूर्ति प्रभावित हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। लोगों को पानी के लिए दूर-दराज के चापाकलों और निजी बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का क्या है आरोप?
वार्ड 10 के निवासियों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लोगों का जीवन भीषण गर्मी में पानी के अभाव में दूभर हो गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह समस्या केवल एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे वार्ड के लिए एक गंभीर पेयजल संकट बन चुकी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अधिकारियों का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, निशांत कुमार ने बताया कि उन्हें समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त पाइप की जांच कर जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। संभवतः कल तक क्षतिग्रस्त पाइप को ठीक कर आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।
अकबरनगर में जारी इस Water Supply Crisis से निपटने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर काम करने का दावा कर रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही लोगों को पानी की किल्लत से निजात मिलेगी।






