
Traffic Police Posts: बिहार में अब सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां बेफिक्र होकर चलेंगी या ट्रैफिक जाम में फंसी रहेंगी, इसका फैसला बहुत जल्द होने वाला है।बिहार के भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ और गया में ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यातायात पुलिस के 485 नए पदों को मंजूरी दी गई है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा यह बड़ा फैसला लिया गया है, जिस पर हर साल लगभग 31 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च होंगे।
राज्य के चार प्रमुख शहरों, जिनमें मुजफ्फरपुर भी शामिल है, के लिए यातायात पुलिस में बंपर भर्तियां होने वाली हैं। गृह विभाग ने इन शहरों में 485 नए पदों के सृजन को हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद उम्मीद है कि यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा।
मुजफ्फरपुर समेत बिहार के चार स्मार्ट सिटीज में यातायात पुलिस के लिए कुल 485 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इन शहरों में आबादी और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण अक्सर भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में अव्यवस्थित ट्रैफिक को नियंत्रित करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने में पुलिस को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। इन नए Traffic Police Posts के सृजन से अब ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यातायात थानों की बढ़ती जिम्मेदारियां
पहले सड़क दुर्घटनाओं के केस सामान्य थानों में दर्ज होते थे, लेकिन अब हर सड़क दुर्घटना का मामला यातायात थाने में ही दर्ज होता है। इसका अनुसंधान भी ट्रैफिक पुलिस ही करती है। ऐसे में यातायात थानों में पर्याप्त संख्या में इंस्पेक्टर और दारोगा की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी। गृह विभाग की स्वीकृति के बाद अब इन चारों जिलों के यातायात थानों में नए व पुराने पदों पर तैनाती होगी, जिस पर सालाना 31.86 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस संबंध में गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने मुजफ्फरपुर एसएसपी को भी जानकारी भेज दी है।
मुजफ्फरपुर में Traffic Police Posts का विवरण
गृह विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर में पहले से 42 दारोगा और 929 सिपाही के पद सृजित थे। अब नए सृजित पदों में एक डीएसपी, 14 इंस्पेक्टर, 43 एएसआई और 232 हवलदार शामिल हैं। इस विस्तार के बाद मुजफ्फरपुर के यातायात थाने में एक डीएसपी, 14 इंस्पेक्टर, 42 दारोगा, 43 जमादार, 232 हवलदार और 929 सिपाही तैनात रहेंगे। यह अतिरिक्त बल जिले में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करेगा।
ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार की उम्मीद
अभी तक मुजफ्फरपुर में स्वीकृत पदों के अनुसार बल मुहैया नहीं होने के कारण यातायात थाने में महज सात दारोगा, एक इंस्पेक्टर, चार जमादार और होमगार्ड के 110 सिपाही ही तैनात थे। इस कमी के चलते चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती नहीं हो पाती थी, जिससे अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी। सीसीटीवी से निगरानी और यातायात नियम तोड़ने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई में भी बाधा आती थी। नए पदों पर तैनाती के बाद जिले के अधिकांश जाम वाले प्वाइंट्स पर ट्रैफिक अमला तैनात हो सकेगा। शहरी इलाकों के साथ-साथ मोतीपुर, साहेबगंज, सकरा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के व्यस्त चौराहों पर भी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






