Bhagalpur Accident News: बिहार के भागलपुर शहर में एक हृदय विदारक सड़क दुर्घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ऑटो की चपेट में आने से 12 वर्षीय मासूम बच्चे अस्मित कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है, जिसने स्थानीय लोगों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया।
मृतक बच्चे की पहचान टीएनबी कॉलेजिएट के समीप रहने वाले राजीव पासवान के इकलौते पुत्र अस्मित कुमार के रूप में हुई है। अस्मित अपने माता-पिता का लाडला था और पढ़ाई में भी होनहार था। जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह वह किसी जरूरी सामान की खरीदारी के लिए घर से निकला था। सड़क पार करते समय या किनारे चलते हुए एक अनियंत्रित सीएनजी ऑटो ने उसे इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह हवा में उछलकर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे का मंजर इतना भयानक था कि मौके पर मौजूद लोग सहम गए। अस्मित खून से लथपथ सड़क पर पड़ा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर ऑटो चालक को पकड़ लिया, जो मौके से भागने की फिराक में था। आक्रोशित भीड़ ने चालक की जमकर पिटाई की, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भीड़ के चंगुल से ऑटो चालक को छुड़ाया और उसे हिरासत में ले लिया। दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को भी जब्त कर लिया गया है। गंभीर रूप से घायल अस्मित को तुरंत इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
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मुआवजे की मांग पर सड़क जाम, घंटों तक यातायात ठप
बच्चे की मौत की खबर फैलते ही परिजनों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार की सुबह नया बाजार चौक पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए टायर जलाकर सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे शहर का मुख्य मार्ग घंटों तक बाधित रहा।
प्रदर्शनकारी मृतक अस्मित के परिजनों के लिए तत्काल उचित मुआवजे और दोषी ऑटो चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उनका स्पष्ट कहना था कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा और उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे और सड़क जाम नहीं हटाएंगे। इस (Bhagalpur Child Death) दुखद घटना ने शहर की यातायात व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जाम की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी के साथ-साथ कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित भीड़ को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की, साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
कुछ स्थानीय नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और प्रशासन से जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को सहायता राशि प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
घंटों तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण शहर में कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। खासकर नया बाजार चौक और आसपास के इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ, क्योंकि दुकानें बंद करनी पड़ीं और लोगों की आवाजाही रुक गई।
Bhagalpur Accident News: लापरवाही और तेज रफ्तार पर उठे गंभीर सवाल
काफी मशक्कत और घंटों की समझाइश के बाद पुलिस ने लोगों को शांत कराया। प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया के तहत हर संभव मदद की जाएगी। इसके बाद ही सड़क से जाम हटवाया जा सका और यातायात को सामान्य किया गया।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। ऑटो चालक से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हों) को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी या चालक की लापरवाही, तेज रफ्तार या नशे की हालत में गाड़ी चलाने के कारण यह हादसा हुआ।
भागलपुर शहर में सड़क दुर्घटनाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। अक्सर तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और अनियंत्रित वाहनों के कारण ऐसे दर्दनाक हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने लंबे समय से प्रशासन से शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने, ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगाने और सार्वजनिक परिवहन वाहनों के चालकों के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर इन मांगों को बल दिया है।
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इस दुखद घटना ने एक परिवार से उसका चिराग छीन लिया है और पूरे शहर को गमगीन कर दिया है। यह हादसा शहरी इलाकों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और यातायात सुरक्षा के महत्व पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है, पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या प्रभावी उपाय किए जाते हैं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







