Naugachhia Fraud News: भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में एक फर्जी फाइनेंस कंपनी द्वारा सैकड़ों महिलाओं को लाखों रुपये का चूना लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कथित आईबीएल फाइनेंशियल लिमिटेड नामक इस कंपनी ने महिलाओं को कम समय में बड़ा कर्ज देने का लालच दिया और फिर रातोंरात अपना कार्यालय बंद करके फरार हो गई। इस घटना के बाद, क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पीड़ित महिलाएं न्याय के लिए पुलिस के चक्कर काट रही हैं।
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कैसे बिछाया ठगी का जाल?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आईबीएल फाइनेंशियल लिमिटेड ने नवगछिया में एनएच 31 के पास संतोष धर्मकांटा के समीप एक अर्द्धनिर्मित भवन में अपना ब्रांच कार्यालय खोला था। कंपनी के प्रतिनिधियों ने पिछले कई दिनों से नवगछिया के इस्माइलपुर प्रखंड के साथ-साथ नारायणपुर, बिहपुर और पसराहा थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में सक्रियता बढ़ाई थी। उन्होंने महिलाओं से संपर्क कर उन्हें यह विश्वास दिलाया कि यदि वे कंपनी में 10 हजार रुपये जमा करती हैं, तो मात्र 12 घंटे के भीतर उन्हें दो लाख रुपये का व्यावसायिक ऋण उपलब्ध करा दिया जाएगा।

कंपनी के कर्मचारियों ने महिलाओं को अपने झांसे में लेने के लिए लगातार गांव-गांव में बैठकें आयोजित कीं और अपनी आकर्षक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उनके बहकावे में आकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से 10-10 हजार रुपये जमा कर दिए। बताया जा रहा है कि लगभग 200 से अधिक महिलाओं से इस तरह राशि ठगी गई है, जिससे कुल लाखों रुपये की धोखाधड़ी हुई है। यह घटना देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें एक बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करती है।
रात भर इंतजार, सुबह मिला धोखा
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्हें यह कहकर भरोसा दिलाया गया था कि रात 12 बजे तक या अधिकतम 12 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में ऋण की राशि भेज दी जाएगी। इस वादे के बाद, महिलाएं पूरी रात अपने बैंक खातों की जांच करती रहीं, लेकिन किसी के भी खाते में एक भी रुपया नहीं पहुंचा। जब अगले दिन सुबह वे कंपनी के कार्यालय पहुंचीं, तो उन्हें वहां ताला लटका मिला।
कार्यालय बंद मिलने के बाद, महिलाओं ने मकान मालिक से पूछताछ की। मकान मालिक ने बताया कि कार्यालय संचालित करने वाले लोग ताला लगाकर चले गए हैं और उनका कोई पता नहीं चल रहा है। पता चला कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने भवन किराए पर लेने संबंधी कुछ दस्तावेज तो दिए थे, लेकिन अब वे सभी गायब हैं। इसके बाद, बड़ी संख्या में आक्रोशित महिलाएं नवगछिया साइबर थाना पहुंचीं और जमकर हंगामा किया। यह Bhagalpur Crime News क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
पुलिस जांच शुरू, पीड़ितों को न्याय की आस
साइबर थाना पहुंची महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने व्यावसायिक ऋण की उम्मीद में कई जगहों से उधार लेकर या ब्याज पर पैसे उठाकर कंपनी को दिए थे। अब उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस्माइलपुर प्रखंड के वेदी राय टोला निवासी सोनी देवी ने बताया कि कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि उन्हें जल्द ही ऋण मिलेगा, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगी। इसी भरोसे में उन्होंने अपनी जमा-पूंजी और उधार के पैसे कंपनी को दे दिए थे।
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फिलहाल, नवगछिया साइबर थाना में ऑनलाइन लेन-देन से संबंधित सभी विवरण एकत्र किए जा रहे हैं और पीड़ित महिलाओं से आवेदन लिए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कंपनी के नाम पर काम कर रहे तीन-चार युवकों ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाया और कथित रूप से इस लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि प्राप्त आवेदनों और बैंकिंग लेन-देन के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है।








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