Darbhanga Murder News: दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र में 16 अप्रैल से लापता एक नवविवाहिता के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह दावा किया जा रहा है कि नवविवाहिता की निर्मम हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उसके शव को बोरे में भरकर बूढ़ी गंडक नदी में फेंक दिया गया। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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कैसे हुआ नवविवाहिता के लापता होने का खुलासा?
पुलिस के मुताबिक, कमतौल के अहियारी दक्षिणी पंचायत स्थित ससुराल से 16 अप्रैल को नवविवाहिता अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में कोई खास सुराग नहीं मिल रहा था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
पुलिस ने इस दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की और कॉल डिटेल्स खंगाले। इसी क्रम में, पुलिस को नवविवाहिता के चचेरे ससुर सोनू कुमार राय पर शक हुआ। सोनू कुमार राय को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला था और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
दरभंगा मर्डर केस: पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
सदर टू एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने रविवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार चचेरे ससुर सोनू कुमार राय ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने नवविवाहिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। यह खुलासा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता थी, लेकिन शव बरामदगी अभी भी एक चुनौती बनी हुई है।
सोनू कुमार राय ने बताया कि हत्या के बाद उसने शव को एक बोरे में भरा। इसके बाद एक पिकअप वाहन की मदद से शव को घर से करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर ले जाया गया। वहां, उसने शव को बूढ़ी गंडक नदी में फेंक दिया। एसडीपीओ ने बताया कि आरोपित के बताए गए स्थान पर पुलिस टीम तुरंत पहुंची और तलाशी अभियान चलाया।
हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने का सनसनीखेज तरीका
आरोपित सोनू कुमार राय के कबूलनामे के बाद पुलिस ने बूढ़ी गंडक नदी में शव की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान में डॉग स्क्वायड, एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद ली गई। गांव के आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ नदी के विभिन्न स्थानों पर कई दिनों तक तलाशी जारी रही, लेकिन दुखद रूप से शव बरामद नहीं हो सका।
एसडीपीओ सुमन ने यह भी बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान के साथ-साथ गहन पूछताछ के आधार पर सोनू कुमार राय की इस जघन्य अपराध में संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई। थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोनू कुमार राय को गिरफ्तार किया। दरभंगा पुलिस न्यूज के तहत यह मामला काफी अहम माना जा रहा है।
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पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। एसडीपीओ ने भरोसा दिलाया कि इस मामले से जुड़े सभी दोषियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा। गिरफ्तार आरोपित सोनू कुमार राय को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की कार्रवाई के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और न्याय की मांग की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू से जांच कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले।







