Bhagalpur Crime: बिहार के भागलपुर जिले में जमीन विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया है। पीरपैंती थाना क्षेत्र के अठन्निया दियारा में खेत की मेड़ काटने के मामूली विवाद में एक 20 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान राधेश्याम मंडल के रूप में हुई है, जिसने करीब 36 घंटे तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
यह दिल दहला देने वाली वारदात और जानकारी के मुताबिक, राधेश्याम मंडल अपने खेत की मेड़ काटे जाने का विरोध करने पहुंचा था। उसके विरोध से enraged होकर हमलावरों ने उसे लाठी-डंडों और कुदाल से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।
खेत की मेड़ काटने का विरोध करने पर किया जानलेवा हमला
मृतक राधेश्याम के पिता वासुदेव मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके खेत की आरी (मेड़) काटी जा रही थी। इसकी खबर मिलते ही उनका बेटा राधेश्याम खेत पर पहुंचा और इसका विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर प्रकाश मंडल, महेंद्र मंडल, दीपक कुमार, पवन कुमार और बजेश मंडल ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे और कुदाल से राधेश्याम पर हमला बोल दिया। इसी दौरान एक आरोपित ने जान से मारने की नीयत से कुदाल से राधेश्याम के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं अचेत होकर गिर पड़ा।
मृतक के पिता वासुदेव मंडल ने बताया, ‘जब मैं अपने बेटे को बचाने के लिए दौड़ा तो हमलावरों ने मुझे भी नहीं बख्शा। उन्होंने मुझे भी लात-घूंसे और डंडों से जमकर पीटा। मेरी चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह हम दोनों की जान बचाई।’
36 घंटे जिंदगी से जंग लड़ने के बाद तोड़ा दम
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत पीरपैंती रेफरल अस्पताल ले जाया गया। राधेश्याम की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज), भागलपुर रेफर कर दिया। भागलपुर के मायागंज अस्पताल में करीब 36 घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 20 अक्टूबर की देर रात करीब 12 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल पहुंचकर मृतक के पिता वासुदेव मंडल का फर्दबयान दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं इस घटना ने एक बार फिर भागलपुर क्राइम के बढ़ते आंकड़ों पर चिंता बढ़ा दी है।






