Siwan Fire Accident: बिहार के सीवान जिले में दशहरे का मेला अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। बड़हरिया थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में बुधवार की रात आग का करतब दिखाते समय एक कलाकार ने खुद को बचाने के लिए दर्शकों पर पेट्रोल फेंक दिया। इस भयावह घटना में करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से चार की हालत नाजुक होने पर उन्हें पटना स्थित पीएमसीएच रेफर किया गया है।
पेट्रोल से करतब दिखाना पड़ा भारी, दर्शकों पर फेंका ज्वलनशील पदार्थ
रसूलपुर गांव में दशहरा पूजा के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कलाकार पेट्रोल की मदद से आग के हैरतअंगेज करतब दिखा रहे थे। इसी दौरान एक कलाकार अचानक आग की चपेट में आ गया। खुद को बचाने के प्रयास में उसने पेट्रोल दर्शकों की ओर उछाल दिया। पेट्रोल के कारण आग तेजी से दर्शकों तक फैल गई, और देखते ही देखते कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
6 गंभीर रूप से झुलसे, 4 पटना पीएमसीएच रेफर
इस भीषण हादसे में छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें सबसे पहले बड़हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान चार घायलों की हालत बेहद गंभीर पाई गई। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय और निजी अस्पतालों में चल रहा है।
घायलों में रसूलपुर गांव निवासी दिलीप साह के 18 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार, मुन्ना प्रसाद के 10 वर्षीय पुत्र अनीश कुमार, उमेश महतो के 18 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार, माया साह के 12 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार और गणेश साह के 10 वर्षीय पुत्र रसूला शामिल हैं। इसके अलावा, छक्का टोला निवासी प्रमोद महतो का 15 वर्षीय पुत्र पवन कुमार भी आग की चपेट में आकर झुलस गया है। सूरज कुमार, अनीश कुमार, राहुल कुमार और पवन कुमार की हालत गंभीर बताई गई है, जिन्हें पीएमसीएच, पटना भेजा गया है।
सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा पर गंभीर सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने एंबुलेंस उपलब्ध कराई, जिसके बाद गंभीर रूप से झुलसे लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि इस घटना में आधा दर्जन से अधिक अन्य लोग भी मामूली रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है। दशहरा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन में पेट्रोल का इस्तेमाल कर आग के करतब दिखाने के दौरान हुए इस हादसे ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी में ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, यह घटना उसकी एक भयावह मिसाल है। प्रशासन को ऐसे आयोजनों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।








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