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Bihar में अब सब ऑनलाइन बा! प्रॉपर्टी टैक्स हो या डेथ – बर्थ सर्टिफिकेट…नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर, एक क्लिक पर समाधान

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अब नगर निगम के दफ्तरों के बाहर कतार लगाने की जरूरत नहीं होगी! बिहार के शहरी नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। नगर विकास विभाग ने एक ऐसा पोर्टल लाने की तैयारी की है, जहाँ सभी नगरीय सुविधाएँ एक क्लिक पर मिलेंगी।

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नागरिकों को निकाय से संबंधित समस्या का समाधान अब एक क्लिक पर मिलेगा। यानी सभी नगरीय सुविधाएं एक प्लेटफार्म पर मिलेंगी। नगर विकास विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और इसके लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसी पोर्टल पर राज्य के 264 निकायों से संबंधित सभी कार्य संचालित होंगे।

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अभी तक क्या होती थी परेशानी?

वर्तमान में, होल्डिंग टैक्स को छोड़कर अन्य सभी तरह की सुविधाओं के लिए नागरिकों को निकाय कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता था। सभी निकायों की अपनी अलग-अलग व्यवस्थाएँ थीं, और नियमों के पालन में एकरूपता का अभाव था। इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर विकास विभाग ने राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के तहत ई-गवर्नेंस मॉड्यूल्स विकसित करने का निर्णय लिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी नागरिकों को सभी तरह की सेवाओं की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए एक अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है।

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यह सॉफ्टवेयर विकसित होते ही सभी निकाय एक केंद्रीय पोर्टल से जुड़ जाएंगे। उसी पोर्टल पर अलग-अलग 15 प्रकार की सेवाओं के विकल्प मौजूद होंगे। आम नागरिक अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प का चयन कर सकेंगे और संबंधित निकाय के पास उनकी समस्या भेज दी जाएगी। मुख्यालय स्तर से इसकी लगातार निगरानी की जाएगी, जिससे नागरिकों की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, विकास से जुड़े कार्यों के दोहराव से भी बचा जा सकेगा।

कौन सी मिलेंगी शहरी ऑनलाइन सुविधाएँ?

शहरी नागरिकों को पंद्रह प्रकार की महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएँ मिलेंगी। इनमें प्रमुख हैं:

  • प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान
  • जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन
  • व्यापार लाइसेंस प्राप्त करना
  • नक्शा पास कराना
  • किसी समस्या की शिकायत दर्ज करना
  • किसी काम के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना
  • पेयजल और सीवरेज कनेक्शन के लिए आवेदन
  • होर्डिंग्स या विज्ञापन से संबंधित कार्य
  • अन्य कर संग्रह संबंधी सेवाएँ
  • साफ-सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्य
  • निकायों के लीगल, एसेट मैनेजमेंट, मैटेरियल मैनेजमेंट आदि प्रमुख प्रशासनिक कार्य भी इसमें शामिल होंगे।
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कैसे होगा लागू और क्या है लागत?

नगर विकास विभाग ने इस परियोजना पर अगले पांच वर्षों में लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। सॉफ्टवेयर विकसित होने के साथ ही विभाग इस सेवा की शुरुआत कर देगा। इससे पहले, नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस नई प्रणाली के संचालन के लिए उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार ने अपने ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस ई-गवर्नेंस पहल को लागू किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसके सुचारु संचालन के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

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