
Bihar Weather: अप्रैल के आखिर में और मई की शुरुआत में भी बिहार में गर्मी से राहत बरकरार है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। अगले कुछ दिनों तक आंधी, पानी और वज्रपात का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को लू से फिलहाल छुटकारा मिलेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, 8 मई तक बिहार के मौसम में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान पटना सहित कई जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और आंधी-पानी की चेतावनी जारी की गई है। सोमवार को भी पटना और आसपास के इलाकों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश के आसार हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उत्तरी बिहार के 18 जिलों के लिए आंधी, पानी, मेघ गर्जन और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हवा की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
बिहार के कई जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट
रविवार को पटना सहित कई इलाकों में सुबह के समय काले बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बनाए रखा। मोतिहारी, बेतिया, बेगूसराय, सीवान, गोपालगंज, सहरसा, छपरा जैसे उत्तरी भागों में आंधी-पानी के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज की गई बारिश की प्रमुख मात्राएँ इस प्रकार हैं:
- मोतिहारी: 7.0 मिमी
- मधेपुरा: 0.5 मिमी
- पूसा (समस्तीपुर): 6.0 मिमी
- वैशाली: 4.0 मिमी
- जीरादेई (सीवान): 7.5 मिमी
- मुंगेर: 1.0 मिमी
- योगपट्टी (पश्चिमी चंपारण): 8.4 मिमी
- ओबरा (औरंगाबाद): 1.2 मिमी
- फारबिसगंज: 1.0 मिमी
- इमामगंज (गया): 1.0 मिमी
- चैनपुर (भभुआ): 0.4 मिमी
राजधानी पटना में मौसम का मिजाज और तापमान का उतार-चढ़ाव
मौसम में इस बदलाव के साथ ही पटना सहित कई अन्य जिलों के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को पटना का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ राज्य में सबसे गर्म स्थान रहा। मधुबनी, शेखपुरा, सबौर, सुपौल और पूर्णिया को छोड़कर पटना सहित शेष जिलों के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। पटना में पिछले दस दिनों से अधिकतम तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। कभी तेज धूप शरीर को झुलसा रही है, तो कभी ठंडी हवाओं का प्रवाह मौसम को सुहाना बना दे रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हर 24 से 48 घंटे में मौसम का रंग बदल रहा है, जिसका सीधा असर अधिकतम तापमान पर पड़ रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मौसम के इस बदलते मिजाज से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, खासकर कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष परेशानी हो रही है। शरीर मौसम के इस लगातार बदलाव के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पा रहा है, ऐसे में वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम अंतराल पर तापमान में इस तरह का बदलाव सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
पुरवा हवाओं का प्रभाव और आगे का अनुमान
बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रही पुरवा हवाएं अभी प्रभावी हैं। लगभग आठ-नौ दिन पहले तक पटना सहित अधिकांश जिलों में पछुआ हवा का असर था, जिससे गर्मी बढ़ रही थी। हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के प्रवेश और राज्य के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण तापमान में क्रमिक गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दस दिनों में पटना के अधिकतम तापमान में करीब 11 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों तक बिहार का मौसम ऐसा ही बना रहेगा। अधिकतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस तक का उतार-चढ़ाव संभव है।







