
Chhapra News: नियति का खेल भी कितना क्रूर होता है, जहां एक पल पहले बच्चों की खिलखिलाहट गूंज रही थी, वहीं अगले ही पल मातम पसर गया। सारण जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में दो सगे भाई-बहन और उनकी मौसेरी बहन शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।
Chhapra News: एक को बचाने की कोशिश में डूबे तीन बच्चे
जानकारी के अनुसार, मटियार गांव निवासी पप्पू महतो का 10 वर्षीय पुत्र गुंजन कुमार कुछ अन्य लोगों के साथ घाघरा नदी के किनारे गया था। गांव के सात लोग रोज की तरह नदी पार कर जलावन की लकड़ी काटने पहुंचे थे। इसी दौरान गुंजन कुमार पानी पीने के लिए नदी से कटकर बने छाड़न, यानी पानी से भरे गड्ढे, के किनारे गया। अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अपने छोटे भाई को डूबता देख उसकी 12 वर्षीया बड़ी बहन रजनी कुमारी उसे बचाने के लिए दौड़ी और बिना कुछ सोचे-समझे पानी में उतर गई। लेकिन दुर्भाग्यवश वह भी संतुलन खो बैठी और गहरे पानी में समा गई। दोनों को डूबता देख उनकी मौसी की पुत्री, बनियापुर थाना क्षेत्र के पैगम्बरपुर निवासी कृष्णा महतो की 13 वर्षीया पुत्री प्रियांशू कुमारी भी उन्हें बचाने के लिए छाड़न में उतर गई, लेकिन वह भी गहराई का अंदाजा नहीं लगा सकी और देखते ही देखते तीनों बच्चे पानी में डूब गए।
प्रशासन ने शुरू की मामले की जांच
इस पूरी डूबने की घटना के दौरान मौके पर मौजूद दो अन्य किशोरों ने भी बच्चों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। हालांकि वे किसी तरह खुद को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहे। इस हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस हृदयविदारक हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।







