
अल्ट्रासाउंड क्लिनिक: बिहार के सिंहवाड़ा में अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लिंग निर्धारण जांच की शिकायत मिलने के बाद सिविल सर्जन के नेतृत्व में पहुंची टीम ने भरवाड़ा स्थित एक क्लिनिक को सील कर दिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। टीम के पहुंचते ही क्लिनिक के कर्मचारी फरार हो गए।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार के नेतृत्व में जांच टीम भरवाड़ा पहुंची। टीम ने भरवाड़ा अल्ट्रासाउंड क्लिनिक की जांच की, जहां एक महिला मरीज ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए उससे तीन हजार रुपये लिए गए थे। जानकारी के अनुसार, क्लिनिक में लिंग निर्धारण जांच की शिकायत के आलोक में यह कार्रवाई की गई है। सिविल सर्जन को इस संबंध में शिकायत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने भरवाड़ा अल्ट्रासाउंड क्लिनिक संचालक ललित कुमार को दो बार पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने और कार्यरत चिकित्सक के पंजीकरण आदि की जानकारी मांगी थी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर यह छापेमारी की गई। मौके पर एनसीडीओ सत्येंद्र मिश्रा और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेमचंद मौजूद थे। छापेमारी की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों में संचालित अन्य अवैध क्लिनिक और जांच घर धड़ाधड़ बंद हो गए।
अवैध अल्ट्रासाउंड क्लिनिक पर छापा और सीलिंग की कार्रवाई
सिविल सर्जन ने बताया कि सिंहवाड़ा, भरवाड़ा, सिमरी आदि जगहों पर अवैध क्लिनिक, अल्ट्रासाउंड केंद्र और अन्य जांच घरों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जांच के बाद इन सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर चल रहे इन अवैध धंधों पर लगाम लगाना आवश्यक है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सीएचसी में अल्ट्रासाउंड सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण
डॉ. अरुण कुमार ने सिंहवाड़ा सीएचसी में हाल ही में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेमचंद को मरीजों को जल्द से जल्द अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मशीन को संचालित करने के लिए चिकित्सक और अन्य कर्मियों की व्यवस्था की जा रही है। सिविल सर्जन ने उम्मीद जताई कि इस मशीन से गर्भवती माताओं को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने सीएचसी में दावा भंडार और आउटडोर विभाग का भी निरीक्षण किया।
गर्मी से बचाव और मौसमी बीमारियों पर निर्देश
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने तेज गर्मी को देखते हुए चमकी वार्ड को सुरक्षित और तैयार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने चमकी वार्ड में तैनात चिकित्सकों, एएनएम और जीएनएम से भी बात की और गर्मी से बचाव के उपायों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को क्षेत्र में डायरिया और अन्य मौसमी बीमारियों पर कड़ी नजर रखने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







