Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर जारी है। घनश्यामपुर प्रखंड में कमला बलान नदी के बढ़ते जलस्तर ने पाँच गाँवों को पूरी तरह घेर लिया है। बाऊर, नवटोलिया, भरसाहा, बैद्यनाथपुर और गिदराही गाँव के चारों ओर बाढ़ का पानी फैलने से उनका प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
कमला बलान नदी के दोनों तटबंधों के बीच बसे इन गाँवों पर बाढ़ का खतरा लगातार मंडरा रहा है। बाऊर गाँव को पश्चिमी तटबंध से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है। पानी के लगातार बढ़ने की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं।

खेतों में पानी भर जाने से पशुओं के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। धान, मक्का, मरूआ और मौसमी सब्जियों की फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
बाढ़ प्रभावित इन गाँवों के लोग अब नावों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक आवागमन के लिए किसी सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण मजबूरी में निजी नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
दरभंगा में बाढ़ का हाहाकार! घरों में घुसा पानी, लोग फंसे, पलायन शुरू
Bihar Flood: नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर दरभंगा जिले में दिख रहा है, जहां कोसी और कमला बलान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि किरतपुर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जिससे हजारों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। वहीं, कुशेश्वरस्थान में लोगों का सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
किरतपुर में विस्थापन और पलायन का दर्द
कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण दरभंगा का किरतपुर क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। सिरनिया, बनरी, तरवारा और बकोनिया जैसे कई गांवों में बाढ़ का पानी भर चुका है। दर्जनों घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीणों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। लोग अपने जरूरी सामानों को नाव के सहारे ऊंचे और सुरक्षित स्थानों तक ले जा रहे हैं। यहां करीब 10 हजार लोग बाढ़ की चपेट में आकर विस्थापित हो चुके हैं।
अंचलाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि ‘प्रशासन की टीम लगातार कोसी बांध का निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हालांकि कोसी नदी के जलस्तर में अब धीरे-धीरे कमी हो रही है। प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और आवश्यकता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।’
कोसी और कमला बलान नदियों में उफान
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान से होकर गुजरने वाली कोसी और कमला बलान नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। इससे इस क्षेत्र में बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। कमला तटबंध से पूरब बसे इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के लोगों में संभावित बाढ़ को लेकर दहशत का माहौल है। इटहर पंचायत के इटहर, इटहर पोखर, चौकिया और लक्ष्मीनिया, उजुआ सिमरटोका पंचायत के झाझा, कोदरा, कुंजभवन, सिमरटैका, गैईजोरी, बुढ़िया सुकराती और उसरी पंचायत के हरिनाही, सगरदीना, कौनिया, अरराही गांव की सड़कों पर पानी फैल चुका है। इससे इन गांवों का सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लगभग 20 हजार की आबादी की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। लोग आवागमन जारी रखने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं।
स्कूलों में पानी और फसल नुकसान की आशंका
बाढ़ का पानी अब स्कूलों तक भी पहुंच गया है। प्राथमिक विद्यालय इटहर पोखर और लक्ष्मीनिया के परिसर में पानी घुसने से विद्यालय संचालन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। फिलहाल फसलों को बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि ‘यदि नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो चौरों में लगी फसलें डूब सकती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।’ प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
खतरे के निशान से ऊपर कमला बलान का जलस्तर
बाढ़ प्रमंडल झंझारपुर टू के एसडीओ विनय कुमार ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि झंझारपुर में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.7 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। यह बढ़ते खतरे का स्पष्ट संकेत है।
घनश्यामपुर के इन पाँच गाँवों में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। ग्रामीणों को तत्काल सरकारी सहायता और आवागमन के लिए सुरक्षित साधनों की आवश्यकता है ताकि जीवन सामान्य हो सके और आगे के नुकसान को कम किया जा सके।

