दरभंगा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर सहित बिहार के 8 जिलेे असामाजिक तत्वों के रडार पर है। इन जिलों में भारी उन्मादी उपद्रव की आशंका है। इसको लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो अलर्ट मोड में है। ब्यूरो ने सभी डीएम और एसपी को सतर्क रहने को कहा है।
इस बाबत राज्य सरकार को पत्र भेजकर इंटेलिजेंस ब्यूरो ने अलर्ट रहने को कहा है। शंका जताई जा रही है किसी भी दिन खासकर सप्ताह के खास एक वर्ग के दिन उत्तर बिहार के आठ जिलों में भारी विरोध-प्रदर्शन किया जा सकता है। ऐसे में, सतर्क रहने की जरूरत है।






सूत्रों का कहना है कि कन्हैया मामले को लेकर पाकिस्तान के isis संगठन ने इसे अपने डिजिटल साइट पर फोटो पोस्ट किया था। इस कारण कई संगठन ऐसे हैं जो गलत दिशा में युवाओं को भड़काने के डिजिटल प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही नहीं गुमराह भी कर रहें हैं।
दरअसल बिहार में हाल ही में आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद पुलिस लगातार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े लोगों पर कार्रवाई कर रही है। ऐसे में, इंटेलिजेंस ब्यूरो ने आगाह किया है कि आने वाले सप्ताह के एक खास दिन के बाद उत्तरी बिहार के आठ जिलों में भारी विरोध-प्रदर्शन हो सकता है।
इस इनपुट को इंटेलिजेंस ब्यूरो ने बिहार पुलिस को भेजा है। साथ ही सुझाव दिया है कि वह इन सब चीजों को देखते हुए सतर्क रहे। ताकि किसी भी जिले में कानून व्यवस्था न बिगड़े। आईबी ने बिहार पुलिस को जिन आठ जिलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, पूर्णिया, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और किशनगंज शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, बीते कई दिनों से बिहार पुलिस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों पर लगातार शिकंजा कस रही है। ऐसे में बिहार के उत्तरी जिलों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन होने की संभावना है। इसी के तहत बिहार पुलिस ने भी अपनी तरफ से संबंधित जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा है। दरअसल, इस संबंध में गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ में कई जिलों में पीएफआई द्वारा कैंप लगाने की बात सामने आ चुकी है।
फुलवारी शरीफ टेरर मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद छानबीन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने भंडाफोड़ के बाद जानकारी साझा की थी कि इस ठिकाने से ‘मिशन 2047’ के लिए साजिश रची जा रही थी, जिसका उद्देश्य साल 2047 तक देश को इस्लामिक राष्ट्र घोषित कराने की तैयारी थी। पुलिस ने यह भी बताया था कि पीएफआई अपने मॉड्यूल के तहत बिहार को 2 चरणों में प्रभावित करने की साजिश पर काम कर रहा था।
पहले चरण में उसका उद्देश्य बिहार के दूर-दराज के इलाकों में स्थित मस्जिदों के जरिये अपना एजेंडा अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाया जाए। दूसरा चरण यह जिसमें अलग-अलग राज्यों के युवाओं को मार्शल आर्ट के नाम पर हथियारों की ट्रेनिंग देकर अपने मकसद को पूरा किया जा सके। मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद पीएफआई की साजिशों का पता चलने से केंद्रीय एजेंसियों के साथ ही बिहार पुलिस भी सतर्क हो गई है।
साथ ही, यह चिन्हित कर रही है कि कौन-कौन ऐसे युवक हो सकते हैं जो उपद्रव मचा सकते हैं। सूत्रों का कहना कि सभी जिले के डीएम और एसपी इसे लेकर काम करना भी शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे उपद्रवियों को चिन्हित करने के लिए एक टीम बना चुकी है। उपद्रवियों की सूची गुप्त रूप से तैयार कर यह टीम डीएम और एसपी को सौंपेगी ताकि किसी प्रकार की बात होती है तो इनपर समय रहते कारवाई की जा सकती है।
पुलिस का मानना है कि हो रही डिजिटल दुनियां में कई तरह के फर्जी पोस्ट भी नवयुवकों को भेजकर गुमराह किया जा सकता है जिसपर केंद्रीय एजेंसियों के अलावे बिहार पुलिस की नजर भी है।







