UAPA Terrorist List: केंद्र सरकार ने आतंकवाद पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 दहशतगर्दों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम-1967 (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार, 04 जुलाई को इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं। इस सूची में शामिल किए गए सभी 23 आतंकी वर्तमान में पाकिस्तान या पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) से अपनी भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
घोषित किए गए 23 आतंकियों में 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि छह भारतीय मूल के हैं। ये आतंकी प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े हुए हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन सभी को भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने, आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, सीमा पार घुसपैठ और हथियार व गोला-बारूद की आपूर्ति जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त पाया गया है।






भारत का सबसे बड़ा एक्शन! पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे 23 दहशतगर्द UAPA के तहत घोषित, अब नहीं बचेंगे
UAPA Terrorist List: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एक और बड़ा प्रहार किया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम-1967 (UAPA) के तहत 23 दहशतगर्दों को आतंकवादी घोषित कर दिया है। इन सभी के नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं। शनिवार को गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं, जिसके बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे इन आतंकियों पर शिकंजा कस गया है।
घोषित किए गए कुल 23 आतंकियों में से 17 पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि 6 भारतीय नागरिक हैं। ये सभी वर्तमान में पाकिस्तान या पीओजेके से अपना खतरनाक नेटवर्क चला रहे थे। इन दहशतगर्दों में 13 प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं, नौ लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य हैं और एक आतंकी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से संबंधित है।
भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले दहशतगर्द
गृह मंत्रालय के अनुसार, इन सभी को भारत में आतंकी हमलों की साजिश रचने, आतंकियों की भर्ती करने, उन्हें प्रशिक्षण देने, सीमा पार घुसपैठ कराने, हथियार एवं गोला-बारूद की आपूर्ति करने जैसे गंभीर आरोपों में दोषी पाया गया है। इसके अलावा, ये आतंकी संगठनों को रसद और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा अन्य आतंकवादी गतिविधियों में भी लिप्त थे। इन्हीं कारणों से इन्हें UAPA की धारा 35 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े जिन प्रमुख आतंकियों को घोषित किया गया है, उनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जेहादी और गुलाम फरीद शामिल हैं। ये सभी पाकिस्तानी या पीओजेके स्थित आतंकी हैं, जो घुसपैठ, भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति और विभिन्न आतंकी हमलों की साजिशों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख नाम भी UAPA की सूची में
लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े नेटवर्क के फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर और आबिद कयूम लोन को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। इनमें हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर और आबिद कयूम लोन मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं, लेकिन वर्तमान में वे पाकिस्तान अथवा पीओजेके में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ये आतंकी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, आतंक के लिए उकसाने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों को सहायता देने, धन जुटाने और आतंकियों की भर्ती में संलिप्त पाए गए हैं।
गृह मंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा, ‘मोदी सरकार भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद के हर मॉड्यूल और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।’
यह कार्रवाई भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र सरकार के इस फैसले से देश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के प्रयासों को बल मिलेगा।
आतंकियों के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई
गृह मंत्रालय के अनुसार, इन दहशतगर्दों को आतंकी संगठनों को रसद और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा अन्य आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद UAPA की धारा 35 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। यह कार्रवाई भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इन आतंकियों पर देश में अशांति फैलाने और सुरक्षा को चुनौती देने का आरोप है।
पाकिस्तान से चल रहे नेटवर्क पर शिकंजा
जिन आतंकियों को UAPA कानून के तहत सूची में शामिल किया गया है, उनमें जैश-ए-मोहम्मद के कई खूंखार नाम शामिल हैं। इनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जेहादी और गुलाम फरीद जैसे पाकिस्तानी/पीओजेके स्थित आतंकी प्रमुख हैं। ये सभी घुसपैठ, भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति और विभिन्न आतंकी हमलों की साजिशों में शामिल रहे हैं।
इसके अलावा, लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े नेटवर्क के फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर और आबिद कयूम लोन को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर और आबिद कयूम लोन मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं, लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान अथवा पीओजेके से अपनी आतंकवादी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। इन पर भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों को उकसाने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों को सहायता देने और धन जुटाने का आरोप है।
गृह मंत्री कार्यालय ने कहा, ‘मोदी सरकार भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद के हर मॉड्यूल और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।’
यह कार्रवाई देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी जो देश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं।








