Patna Gold Price: इस सप्ताह पटना के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिली है। पिछले कुछ महीनों में आई गिरावट के बाद निवेशक एक बार फिर से बुलियन बाजार में वापसी कर रहे हैं, जिससे कीमतों में तेजी आई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर 10 ग्राम सोने का भाव 6,471 रुपये बढ़कर 1.46 लाख रुपये हो गया है, जो 25 जून को 1.40 लाख रुपये था।
चांदी की कीमतों में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है। चांदी 17,317 रुपये महंगी होकर 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह 2.17 लाख रुपये थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की बढ़ी हुई मांग के कारण यह तेजी आई है, क्योंकि सोने और चांदी की कीमतें इस साल की शुरुआत में अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आ गई थीं।






निवेशकों की वापसी से बाजार में रौनक
बाजार जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी निवेशकों द्वारा दोबारा खरीदारी शुरू करने का नतीजा है। इससे पहले, इस साल 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, मौजूदा तेजी के बावजूद कीमतें अभी भी इन रिकॉर्ड स्तरों से नीचे हैं।
इस साल 13,000 रुपये से अधिक महंगा हुआ सोना
वर्ष 2026 में कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा है। साल की शुरुआत से अब तक सोने में 13,145 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1.33 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 1.46 लाख रुपये हो गया है। इसी अवधि में चांदी भी 3,438 रुपये महंगी हुई है, जो 2.30 लाख रुपये से बढ़कर 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
शहरों में क्यों अलग होते हैं सोने के दाम?
विभिन्न शहरों में सोने की कीमतें कई कारणों से अलग-अलग होती हैं:
- परिवहन और सुरक्षा लागत: लंबी दूरी तक बुलियन के परिवहन में लागत बढ़ जाती है।
- स्थानीय मांग और खरीद पैटर्न: विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां आभूषणों की खपत अधिक होती है।
- स्थानीय आभूषण संघों द्वारा निर्धारित दरें: ये क्षेत्रीय आपूर्ति और मांग पर आधारित होती हैं।
- मौजूदा सोने के स्टॉक की खरीद लागत: यह जौहरियों द्वारा खुदरा मूल्य निर्धारण को प्रभावित करती है।
नीतिगत बदलावों का बाजार पर असर
बुलियन बाजार हाल के नीतिगत बदलावों से भी प्रभावित हुआ है। मई 2026 में, केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर प्रभावी आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। इसमें 10% बेसिक सीमा शुल्क और 5% कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) शामिल है। सरकार ने कहा था कि यह कदम आयात को कम करने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के उद्देश्य से उठाया गया था।
इसके अतिरिक्त, सोने, चांदी और प्लेटिनम से बने आभूषणों को ‘मुक्त’ से ‘प्रतिबंधित’ आयात श्रेणी में स्थानांतरित कर दिया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा अधिसूचित संशोधित नियमों के तहत, आयातकों को अब ऐसे आभूषणों को भारत में लाने के लिए सरकारी लाइसेंस या अनुमति की आवश्यकता होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन परिवर्तनों का उद्देश्य मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के दुरुपयोग को रोकना है, जबकि बाजार सहभागियों का कहना है कि सख्त आयात व्यवस्था ने आपूर्ति को प्रभावित किया है और घरेलू कीमतों में वृद्धि में योगदान दिया है।








