Darbhanga PC&PNDT Act: दरभंगा में कन्या भ्रूण हत्या रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्री-कॉन्सेप्सन एंड प्री-नेटल डायग्नॉस्टिक टेकनिक्स (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए गठित 8 सदस्यीय सलाहकार समिति में अधिवक्ता अमर नाथ झा को विधि सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद जिले में अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर निगरानी और सख्त हो जाएगी।
इस फैसले का स्वागत करते हुए लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा, जीपी मिहिर कुमार झा और अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने अमर नाथ झा को बधाई दी है। जिला बार एशोसिएशन दरभंगा के अधिवक्ता हेमन्त कुमार, हरेराम साहु, अरुण कुमार चौधरी, जितेन्द्र नारायण झा, रमण जी चौधरी, मनोज कुमार और सुधीर कुमार चौधरी सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने भी इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमर नाथ झा दरभंगा के चिकित्सा जगत में कानून का अनुपालन सुनिश्चित कराने में सफल होंगे।
क्या है PC&PNDT अधिनियम 1994?
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इस अधिनियम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया, ‘भारत सरकार ने वर्ष 1994 में गर्भ धारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान, तकनीक (लिंग चयन प्रतिशोध) अधिनियम 1994 को पूरे देश में लागू किया था। यह कानून नवजात शिशु को गर्भ में आने से पहले ही तकनीकी जानकारी प्राप्त कर कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया था।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अधिनियम के तहत अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर कड़ी नजर रखना बेहद आवश्यक है।
गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जानकारी देना या लेना, और इसके लिए किसी भी तरह का विज्ञापन देना कानूनी रूप से अपराध है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले डॉक्टरों या अल्ट्रासाउंड संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
नियम तोड़ने पर कड़ी सजा का प्रावधान
इस कानून के तहत, यदि कोई डॉक्टर या अल्ट्रासाउंड संचालक पहली बार नियम तोड़ते हुए पाया जाता है, तो उसे तीन साल तक का कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड भुगतना पड़ सकता है। यदि यही अपराध दोबारा किया जाता है, तो कारावास की अवधि बढ़कर 5 वर्ष हो जाती है और अर्थदंड 50 हजार रुपये तक पहुंच जाता है। इसके अतिरिक्त, दोषी डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने का भी प्रावधान है, जिससे उनके चिकित्सकीय पेशे पर भी संकट आ सकता है।
अमर नाथ झा की नियुक्ति से यह उम्मीद बढ़ गई है कि दरभंगा में PC&PNDT Act का प्रभावी क्रियान्वयन होगा और कन्या भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक अपराध पर अंकुश लगेगा। यह कदम समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगा।







