Darbhanga Bakrid News: दरभंगा में बकरीद का त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाया गया। ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान एक अनूठी मांग ने सभी का ध्यान खींचा। नमाजियों ने जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान की अगुवाई में हाथों में तख्तियां लेकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और बीफ निर्यात बंद करने की अपील की।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।दरभंगा से आज ईद उल अजहा की नमाज के बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे देश को एक बड़ा संदेश दिया। ईदगाह में हजारों मुस्लिम नमाजियों ने हाथों में तख्तियां लेकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो और बीफ निर्यात बंद करो जैसी मांगों के साथ एकजुटता दिखाई।जिस समाज पर अक्सर गाय को लेकर आरोप लगाए जाते रहे, उसी समाज ने खुले मंच से यह संदेश दिया कि वह भी करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करता है। अगर हिंदू समाज गाय को माता मानता है, तो उनकी भावनाओं का ख्याल रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।यह तस्वीर ऐसे समय में सामने आई है, जब देशभर में बकरा ईद और गाय को लेकर बहस, तनाव और हिंसा की खबरें चर्चा में हैं। ऐसे माहौल में मुस्लिम समाज की ओर से आया यह संदेश सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की एक मिसाल बनकर उभरा है।जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग नमाज के बाद ईदगाह में तख्तियां लेकर खड़े हो गए। पूरा परिसर गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करो और बीफ निर्यात पूरी तरह बंद करो जैसे नारों से गूंज उठा।
डॉ. शोएब अहमद खान इससे पहले भी
डॉ. शोएब अहमद खान इससे पहले भी कई मंचों से गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठा चुके हैं। उन्होंने गौ रक्षक संगठनों और बजरंग दल जैसे संगठनों से भी इस अभियान में साथ आने की अपील की है।आज की यह तस्वीर सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह संदेश है कि देश की एकता, आस्था और आपसी सम्मान सबसे ऊपर है।
गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग और सियासी हलचल
सदर प्रखंड क्षेत्र के शिशो पश्चिमी ईदगाह में नमाज अदा करने पहुंचे कई नमाजियों ने हाथ में ‘गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करो’ और ‘बीफ निर्यात बंद करो’ जैसे संदेश लिखी तख्तियां ले रखी थीं। छोटे बच्चों के साथ पहुंचे परिजनों ने भी इस मांग का समर्थन किया।इस अभियान का नेतृत्व जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने किया। उन्होंने देश की एकता और सामाजिक सौहार्द पर जोर देते हुए बजरंग दल और गौ रक्षक संगठनों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग वे पहले भी कई मंचों से उठा चुके हैं।मौके पर जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने भाजपा पर गौ राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार गाय को माता मानती है, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने में क्या दिक्कत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार में भारत दुनिया का सबसे बड़ा बीफ निर्यातक देश बन गया है और भाजपा शासित राज्यों में सबसे ज्यादा गौ तस्करी होती है।
जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान की डिमांड
जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने कहा, गाय को सम्मान मिले पूरे भारत में गौशाला में चल रहे अनियमितता बंद हो। गौ की रक्षा के जिम्मेवार अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वाहन ईमानदारी पूर्वक करें। बाहर से गौ रक्षक अंदर से गौ को कतलखाना पहुंचाने का काम नहीं हो। गौ को गौ माता या गौ पशु का दर्ज़ा मिले। एक ऐसा क़ानून बने जो बेचने वाले काटने वाले और खाने वाले को कड़ी सजा हो। अगर आस्था रखते हो तो पूरे भारत में चल रहे शलौटर हाउस को बंद किया जाए बीफ सप्लाई बंद हो।
वोट बैंक की राजनीति बंद ho
जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने कहा,बीजेपी अभी पावर में है। बीजेपी ने हिन्दू को बेवक़ूफ़ बनाया हैं। गौ माता को कटवाते तुम हो और हिन्दू मुस्लिम की लड़ाई करवाते हो। वोट बैंक की गंदी राजनीति बंद हो। ओमान जा कर हलाल का सर्टिफिकेट ला कर अपने दोस्तों को देना। गाय के खून का प्रॉफिट चंदा के रूप में लेना। 250 करोड़ चंदा किसने लिया क्यों लिया, जवाब दो।
वोट बैंक की राजनीति बंद हो
जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने कहा हिंदू मुस्लिम का खेल बंद हो। नौजवानों को रोजगार और अच्छी शिक्षा की व्यवस्था हो। समाज में जो नफरत की बीज बोई गई हैं, इससे समाज में गंदे माहौल हैं। बीजेपी ने पावर में आते धारा 370 हटाया। तीन तलाक़ बिल पास किया। अभी पावर है, गौ को राष्ट्रीय माता या राष्ट्रीय पशु का दर्जा दो। ना रहेगा बांस ना बजेगी बांसरी।
त्याग, समर्पण और भाईचारे का संदेश
जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने बताया कि कुर्बानी सिर्फ जानवर की नहीं, बल्कि अपनी बुराइयों, गलत इच्छाओं और अहंकार को खत्म करने का भी संदेश देती है। समाज में प्रेम, भाईचारा और इंसानियत कायम रखना ही इस पर्व का असली मकसद है। कुर्बानी इस बात का प्रतीक है कि सब कुछ अल्लाह का दिया हुआ है और इस्लाम में झूठ बोलना, धोखा देना, किसी की जमीन हड़पना गलत माना गया है।मौके पर लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने कहा कि यह त्याग और समर्पण का त्योहार है और देश को बांटने वालों को मिट जाना चाहिए। उन्होंने महंगाई और किसानों की खराब हालत पर भी चिंता व्यक्त की।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।जनसुराज के प्रदेश महासचिव सह सलाहकार समिति सदस्य डॉ. शोएब अहमद खान ने कहा कि इंसान अक्सर अपनी ख्वाहिशों की कुर्बानी नहीं दे पाता। यदि लोग चाह लें तो अपने अंदर की सारी बुराइयों को खत्म कर सकते हैं। हमें अपनी गलत इच्छाओं और बुरी आदतों की भी कुर्बानी देनी होगी।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







