Darbhanga Bus Parking News: दरभंगा स्टेशन रोड के दुकानदारों के लिए राहत भरी खबर है। चार दिनों तक दुकानें बंद रखने के बाद आखिरकार उन्होंने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। विश्वविद्यालय थाने की पुलिस से ठोस आश्वासन मिलने के बाद सभी दुकानें फिर से खुल गई हैं। अब स्टेशन रोड पर अवैध बस पार्किंग की समस्या पर लगाम लगने की उम्मीद है, जिससे दुकानदारों और यात्रियों को राहत मिलेगी।
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क्या था पूरा मामला, क्यों बंद थी दुकानें?
दरअसल, गत सोमवार की देर रात दरभंगा स्टेशन रोड पर स्थानीय दुकानदार और एक बस मैनेजर के बीच मारपीट की घटना हुई थी। यह विवाद बस की अवैध पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था। दुकानदारों का आरोप था कि थाने में शिकायत और आश्वासन के बावजूद रात में बसें अवैध रूप से सड़क पर खड़ी की जाती हैं। इसी अवैध पार्किंग को रोकने पर एक बस कंपनी के मैनेजर ने दुकानदारों के साथ मारपीट की थी।
इस घटना के बाद दुकानदारों ने थाने में आवेदन देकर मैनेजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके साथ ही, उन्होंने स्टेशन रोड में अवैध बस पार्किंग पर तुरंत रोक लगाने और दुकानदारों व यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की भी मांग की। इन मांगों के पूरा न होने के विरोध में स्टेशन रोड के सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं और लगातार चार दिनों तक धरना-प्रदर्शन भी किया।
पुलिस के ठोस आश्वासन से मिली राहत
चौथे दिन, शुक्रवार को विश्वविद्यालय थाने की पुलिस की ओर से ठोस आश्वासन मिलने के बाद दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोलने का निर्णय लिया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब स्टेशन के सामने वाली सड़क पर बसों को खड़ा नहीं किया जाएगा। स्टेशन रोड दुकानदार संघ के मुख्य संरक्षक आरके दत्ता ने बताया कि थाना प्रभारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद ही दुकानदारों ने दुकानें खोली हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब किसी भी कीमत पर स्टेशन रोड में सड़क पर कोई भी बस नहीं लगेगी। इस निर्णय से दुकानदारों में खुशी का माहौल है।
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इस आश्वासन के बाद, स्टेशन रोड पर सामान्य जनजीवन फिर से पटरी पर लौट आया है और दुकानदारों को उम्मीद है कि अब उन्हें अवैध पार्किंग की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा।







