Bihar Court: बिहार की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दरभंगा में 32 वर्षीय पप्पू कमती की निर्मम हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में दीपक कमती और गंगा कमती को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी पाया है। अब सभी की निगाहें 14 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब अदालत दोषियों की सजा पर अपना फैसला सुनाएगी।
पप्पू कमती की हत्या: क्या था पूरा मामला?
यह घटना 12 मई 2022 की सुबह 3 बजे हुई थी, जब सकतपुर थानाक्षेत्र के उजान गढ़टोल गांव निवासी प्रभु कमती के पुत्र पप्पू कमती की उनके ही आंगन में घुसकर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य वारदात के बाद मृतक के पिता प्रभु कमती ने सकतपुर थाना में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों अभियुक्तों दीपक कमती (श्रीकांत कमती उर्फ हरखित का पुत्र) और गंगा कमती (कुशेश्वर कमती का पुत्र) पर आरोप पत्र दाखिल किया गया था। न्यायालय में 23 दिसंबर 2022 को इन दोनों के खिलाफ आरोप गठित किए गए।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए 10 गवाह
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें पुख्ता करने के लिए न्यायालय में कुल दस गवाहों की गवाही कराई। इनमें जांच अधिकारी (आईओ) और डॉक्टर भी शामिल थे, जिनके बयानों और साक्ष्यों ने अभियुक्तों के खिलाफ मामले को मजबूत किया। घटना के समय से ही दोनों अभियुक्त जेल में बंद हैं।
अब अदालत ने उन्हें दोषी ठहराकर न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 14 अक्टूबर को सजा के ऐलान के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन दोषियों को उनके अपराध के लिए कितनी लंबी कारावास की सजा मिलेगी। यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की उम्मीद जगाता है और समाज में अपराध के प्रति कठोर संदेश देगा।







