Bihar Revenue Administration: राजस्व प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार से नवपदस्थापित अपर समाहर्ताओं और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली से बेहतर तरीके से परिचित कराना है, जिससे जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा और अधिक प्रभावी बन सके।
प्रशिक्षण के शुरुआती सत्र में राजस्व विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व न्यायालयों के संचालन, आदेश पारित करने की प्रक्रिया और ऑनलाइन सेवाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। सचिव जय सिंह ने अंचल स्तर पर चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी को भी महत्वपूर्ण बताया और अधिकारियों से राजस्व कानूनों व नियमों का लगातार अध्ययन करते रहने को कहा।
राजस्व न्यायालयों का होगा फिजिकल वेरिफिकेशन
सचिव जय सिंह ने स्पष्ट किया कि राजस्व न्यायालयों का संचालन तय प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मामलों की सुनवाई और आदेश पारित करते समय संबंधित कानूनों व नियमों की पूरी जानकारी रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने और राजस्व मामलों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए नियमित अध्ययन पर ध्यान देने की सलाह दी। इस प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को कानून और नियमों में लगातार अपडेट रहने के लिए भी कहा गया है, जिससे जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों के निपटारे में बेहतर प्रक्रिया लागू हो सके।
‘राजस्व न्यायालयों का संचालन तय प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। मामलों की सुनवाई और आदेश पारित करने में संबंधित कानूनों और नियमों की पूरी जानकारी जरूरी है। अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए।’
— जय सिंह, सचिव, राजस्व विभाग
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऑनलाइन राजस्व सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होने वाली सभी सेवाओं की जानकारी रखने और उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक महत्वपूर्ण घोषणा में राजस्व सचिव ने बताया कि राज्य के सभी राजस्व न्यायालयों का फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में चल रहे मामलों की पूरी जानकारी और संबंधित रिकॉर्ड व प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित रहने को कहा गया है।
अंचल स्तर पर नियमित बैठकों पर जोर
नवपदस्थापित अधिकारियों को अपने-अपने अंचलों में नियमित बैठकें आयोजित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। इन बैठकों के माध्यम से अंचल स्तर पर राजस्व कार्यों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में राजस्व प्रशासन से जुड़े कार्यों और जिम्मेदारियों के विभिन्न पहलुओं से अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्व प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, विशेष सचिव (सेवानिवृत्त) राधामोहन प्रसाद और सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण बिहार में राजस्व प्रशासन की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे आम लोगों को जमीन संबंधी समस्याओं के समाधान में आसानी होगी।







