Bihar Court: नाबालिगों के अपहरण और चालीस लाख रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर मामलों में बिहार की न्यायपालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। दरभंगा सिविल कोर्ट ने इन संगीन अपराधों के आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं, जिससे यह साफ संदेश गया है कि ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
नाबालिग अपहरण के दो मामलों में जमानत खारिज
दरभंगा सिविल कोर्ट के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निरज कुमार की अदालत ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण से जुड़े विश्वविद्यालय थाना कांड संख्या 153/26 में काराधीन रीता देवी की नियमित जमानत याचिका रद्द कर दी। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत को बताया कि सूचक ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। रीता देवी, जो मधुबनी जिले के राजनगर थाना अंतर्गत सोनावाड़ी गाँव निवासी उमेश मुखिया की पत्नी हैं, 11 अगस्त 2026 से इस मामले में जेल में बंद हैं।

इसी तरह, एडीजे प्रथम निरज कुमार की अदालत ने सोनकी थाना प्राथमिकी संख्या 101/2026 में एक अन्य नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी विनोद शर्मा और उनकी पत्नी पूनम देवी की अग्रिम जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी। ये दोनों कुशौथर गाँव के निवासी हैं।
40 लाख रुपये की धोखाधड़ी में भी नहीं मिली बेल
अदालत ने सिर्फ अपहरण के मामलों में ही नहीं, बल्कि वित्तीय धोखाधड़ी में भी सख्त तेवर दिखाए हैं। एडीजे द्वितीय संतोष कुमार पाण्डे की अदालत ने व्यावसायिक कार्य के लिए सुरक्षा के तौर पर दिए गए चेक से 17 मार्च 2023 को बैंक कर्मी के मेल से 40 लाख रुपये का भुगतान लेने वाले संजीव कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। संजीव कुमार सिंह समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के राघोपुर गाँव के रहने वाले हैं।
अलीनगर थाना के नरमा गाँव निवासी संजय कुमार सिंह ने नालिशी संस्थित कराकर आरोप लगाया था कि आरोपी संजीव सिंह और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की औंसी तथा दलसिंहसराय शाखाओं के शाखा प्रबंधकों ने भुगतान रोकने के निर्देश के बावजूद चालीस लाख रुपये का भुगतान कर दिया। जांच के बाद सीजेएम जूनैद आलम की कोर्ट ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया था।
इन फैसलों से स्पष्ट है कि बिहार कोर्ट गंभीर आपराधिक और वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामलों में आरोपियों को आसानी से राहत नहीं दे रही है। न्यायपालिका का यह रुख पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

