Muzaffarpur Teacher Suspended: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक स्कूल शिक्षक ने छात्राओं के साथ आठ महीने तक अश्लील हरकतें कीं। इस शर्मनाक घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। आरोपी शिक्षक के साथ-साथ शिकायत को नजरअंदाज करने वाली प्रधानाध्यापिका को भी निलंबित कर दिया गया है। जमुई, समस्तीपुर, बांका और किशनगंज में बेटियों के साथ हुई हैवानियत की आग अभी शांत भी नहीं हुई थी कि इस नए मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।
यह मामला जिले के पारू प्रखंड स्थित लालू छपरा मिडिल स्कूल से जुड़ा है। यहां क्लास छह और सात की छात्राओं ने विज्ञान विषय के शिक्षक रतन लाल सहनी पर लंबे समय से गंदे तरीके से छूने का गंभीर आरोप लगाया। जब बच्चियों के परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया। लगभग एक दर्जन बच्चियों के माता-पिता पारू थाने पहुंचे और शिक्षक रतन लाल सहनी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अभिभावकों के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

शिकायत मिलते ही ग्रामीण एसपी राजेश कुमार और एसडीपीओ हरजीत कौर पारू थाने पहुंचीं और अभिभावकों से विस्तार से बात की। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से भी बातचीत की। बच्चियों ने बताया कि होली के समय से ही आरोपी शिक्षक उनके साथ ‘बैड टच’ कर रहे थे। संकोच के कारण वे किसी से कुछ बोल नहीं पाती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापिका कलावती देवी से की थी, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। करीब दस दिन पहले जब आरोपी ने फिर से ऐसी ही गंदी हरकत की, तब मजबूर होकर परिजनों को इसकी जानकारी दी गई।
इस पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा एक महिला डीपीओ को सौंपा गया था। जांच के दौरान छात्राओं से बातचीत में यह बात सामने आई कि उन्होंने ‘बैड टच’ को लेकर कई बार प्रभारी प्रधानाध्यापिका से शिकायत की थी, लेकिन उनकी बात पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला बढ़ने और अभिभावकों द्वारा हंगामा करने के बाद ही पुलिस और शिक्षा विभाग हरकत में आया। डीईओ ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक रतनलाल सहनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
‘प्रभारी प्रधानाध्यापिका कलावती देवी को भी निलंबित किया गया है क्योंकि यह बात जांच में सामने आई कि शिकायत उन तक पहुंची थी, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। छात्राओं और शिक्षिकाओं के साथ अभद्र व्यवहार के मामलों में बीते छह महीने में अब तक कुल 16 शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।’

