spot_img

Darbhanga Cyber Fraud: ठगे गए पीड़ितों का दर्द न जाने कोई, 3 माह से थानों के चक्कर, यही है दरभंगा पुलिसिंग…!

spot_img
- Advertisement -

Cyber Fraud: सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते आम आदमी की तस्वीर नई नहीं, लेकिन जब न्याय के मंदिर ही आपको दर-दर भटकने पर मजबूर कर दें, तो सवाल उठना लाज़िमी है।

- Advertisement -

Cyber Fraud से ठगे गए पीड़ित का दर्द: तीन माह से थानों के चक्कर, पुलिस बनी अंजान

दरभंगा में साइबर ठगी के शिकार हुए लोग पिछले तीन महीनों से न्याय की आस में थानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। यह स्थिति तब है, जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश हैं कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए। बड़गांव थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग मामलों में, काली प्रसाद साहू के पुत्र गोपाल कुमार साहू और अरलाई निवासी नरेश यादव, दोनों से पचास-पचास हजार रुपये की ठगी की गई थी, जिसके बाद से वे पुलिस की निष्क्रियता का दंश झेल रहे हैं।

- Advertisement -

साइबर ठगों ने बड़गांव निवासी गोपाल कुमार साहू को एक अज्ञात नंबर से फोन कर खुद को बड़गांव थाने का स्टाफ आशीष रंजन मिश्रा बताया। ठगों ने एक स्कैनर मोबाइल पर भेजकर कहा कि इस पर 25 हज़ार रुपये भेज दें, वे थाने से नकद भेज रहे हैं। थाने का कर्मचारी समझकर पीड़ित ने पहले दो हजार और फिर तेईस हजार रुपये भेज दिए। जब थाने से कोई कर्मी नकदी लेकर नहीं आया, तो उन्हें अपनी ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने बैंक से सभी ट्रांजेक्शन स्लिप लेकर बड़गांव थाने में आवेदन दिया, लेकिन थानाध्यक्ष ने टालमटोल कर प्राथमिकी दर्ज नहीं की।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: दरभंगा के युवक की भिवाड़ी में मौत Bhiwadi Mutilated Body क्षत-विक्षत शव मिला, कुत्तों ने नोंचा हाथ! पढ़िए गली सड़ी लाश

साइबर फ्रॉड: पुलिसिया उदासीनता का शिकार आम आदमी

पीड़ित पिछले तीन माह से स्थानीय बड़गांव थाने और जिले के साइबर थाने के बीच फुटबॉल बने हुए हैं। साइबर थाने के डीएसपी सह थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ितों को स्थानीय थाना बड़गांव भेज दिया था। हालांकि, स्थानीय थाना प्रभारी का कहना है कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है और जब तक वे जिले के साइबर थाने से पुष्टि नहीं कर लेतीं, तब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होगी। जबकि जिले के साइबर थाने के डीएसपी और इंस्पेक्टर ने पीड़ितों को बताया कि एक लाख रुपये से कम की ठगी होने पर स्थानीय थाने में ही एफआईआर दर्ज होती है। उन्होंने पीड़ितों के सामने ही बड़गांव थानाध्यक्ष को फोन कर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने को कहा, पर थानाध्यक्ष ने साइबर थाने के इंस्पेक्टर से कहा कि वे स्वयं साइबर थानाध्यक्ष से मिलकर जानकारी लेने के बाद ही कोई निर्णय लेंगी। इस उदासीनता के बीच आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस मुख्यालय दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीड़ित कोई भी हो, आवेदन आने पर मामला दर्ज करना पहली प्राथमिकता होगी, जिसके बाद ही अनुसंधान किया जाएगा। एक लाख रुपये से नीचे के देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ऑनलाइन ठगी मामलों में स्थानीय थाने में मामला दर्ज करना अनिवार्य है, फिर भी बड़गांव थाने द्वारा इसे टाला जा रहा है।

नियमों की अनदेखी और न्याय का इंतजार

इन निर्देशों के बावजूद बड़गांव थाना अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है, जिससे पीड़ित व्यक्ति दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। यह न केवल पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास कम करता है, बल्कि साइबर अपराधियों को भी और अधिक emboldened करता है। पुलिस की इस तरह की लापरवाही से आम जनता में निराशा फैल रही है। साइबर ठगी के इन मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोषियों को पकड़ना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके और आम लोगों को न्याय मिल सके।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Madhubani News: मधुबनी में युवक की पीट-पीटकर हत्या, पेड़ से लटकी मिली लाश, मां ने बताई आखिरी मुलाकात की बात, अब SIT करेगी...

प्रेम प्रसंग: बिहार के मधुबनी में एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां एक...

Samrat Choudhary: पुनौरा धाम में CM सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान, 2028 तक बन जाएगा भव्य जानकी मंदिर

Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति में इन दिनों हर दिन कुछ नया देखने को...

Darbhanga Good News: केंद्रीय विद्यालय दरभंगा-2 में 320 छात्रों का होगा नामांकन, 50 करोड़ से बनेगा Kendriya Vidyalaya Darbhanga का भव्य भवन

Kendriya Vidyalaya Darbhanga: मिथिलांचल को शिक्षा का हब बनाने की दिशा में एक और...