Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले की दोघरा पंचायत में बुधवार को किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं से अवगत कराने के लिए किसान चौपाल सह खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
किसानों को मिली खरीफ और प्राकृतिक खेती की विस्तृत जानकारी
इस चौपाल के दौरान कृषि समन्वयक रामचंद्र दास ने किसानों को खरीफ मौसम में बोई जाने वाली विभिन्न फसलों की उन्नत खेती के तरीकों और उनके प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसानों को बेहतर पैदावार के लिए आवश्यक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बिना खेती की जा सकती है, जिससे मिट्टी का स्वास्थ्य और उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होती है।




सरकारी योजनाओं और कृषि यांत्रिकीकरण से लाभ
सहायक तकनीकी प्रबंधक सुधांशु कुमार ने किसानों को आत्मा योजना के तहत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और इनसे मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे किसान इन योजनाओं का फायदा उठाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। अभियांत्रिकी वैज्ञानिक इंजीनियर निधि कुमारी ने कृषि यांत्रिकीकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को उपलब्ध विभिन्न कृषि यंत्रों और उनके सही उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी, ताकि किसान आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर अपनी मेहनत और समय बचा सकें।
कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने अपनी खेती संबंधी विभिन्न समस्याओं और शंकाओं को विशेषज्ञों के सामने रखा, जिनका समाधान उन्हें मौके पर ही प्राप्त हुआ। इस पहल से किसानों को न केवल नई जानकारी मिली, बल्कि उन्हें अपनी कृषि पद्धतियों में सुधार करने के लिए भी प्रोत्साहन मिला।
यह किसान चौपाल कृषि क्षेत्र में नवीनतम जानकारी और सरकारी सहायता को सीधे किसानों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हुई है, जिससे क्षेत्र में कृषि विकास को गति मिलने की उम्मीद है।







