Bihar Legal Aid: सतीश चंद्र झा दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में अब जेल बंदियों, उनके परिजनों और अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता मिल रही है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा, श्री अजय कुमार शर्मा के निर्देश पर, बेनीपुर नगर परिषद क्षेत्र के बसुहाम वार्ड संख्या 9 स्थित एक मदरसे में विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता मोहम्मद हैदर अली ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा चलाई जा रही कई महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नालसा जेल में बंद कैदियों और उनके परिवारों को निःशुल्क कानूनी सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बंदियों और परिजनों को मिल रहा न्याय
मोहम्मद हैदर अली ने स्पष्ट किया कि जेल के भीतर बंदियों के लिए ‘जेल लीगल ऐड क्लिनिक’ स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, जेल मुलाकात क्षेत्र में ‘विधिक सहायता केंद्र’ भी बनाए गए हैं, ताकि बंदियों के परिजनों को आसानी से कानूनी सलाह और मदद मिल सके। उन्होंने ‘नालसा स्प्रुहा स्कीम’ के बारे में भी बताया, जो बंदियों, उनके परिजनों और अपराध से पीड़ित व्यक्तियों के सहयोग के लिए लागू है।
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा संबंधी ‘पाॅस एक्ट’, तृतीय लिंग के व्यक्तियों के लिए ‘सितारा स्कीम’ और ‘वीर परिवार योजना’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी इस कार्यक्रम में दी गई। इन योजनाओं का लक्ष्य समाज के विभिन्न वर्गों को कानूनी रूप से सशक्त बनाना है।
विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर
पैनल अधिवक्ता मोहम्मद हैदर अली ने ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नालसा द्वारा यह अभियान विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए चलाया जा रहा है, जिससे आपसी मेलजोल के जरिए पारिवारिक मुकदमों का निपटारा हो सके। यह पहल अदालतों पर बोझ कम करने और त्वरित न्याय दिलाने में सहायक है।
पारा विधिक स्वयंसेवक टुनटुन दास ने आगामी ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ और ‘विशेष लोक अदालत’ के बारे में महत्वपूर्ण सूचना दी। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा, जबकि 21 नवंबर को चेक बाउंस से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत लगेगी। इस दौरान अधिवक्ता मोहम्मद इन्तखाब अली, पीएलवी नितीश कुमार राम, शत्रुघ्न दास, हरिन्द्र शर्मा, जावेद खा, श्याम जी और फरीद खां सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों के लिए कानूनी जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत साबित हुआ।







