Bihar JDU Conflict: बिहार में JDU के भीतर चल रहे आंतरिक कलह को लेकर पूर्व मंत्री और पार्टी विधायक श्याम रजक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच के विवाद के समाधान की उम्मीद नहीं छोड़ी है। रजक ने बताया कि ललन सिंह ने केवल यह कहा था कि वे किसी व्यक्तिगत विवाद में ‘पंचायती’ नहीं करेंगे, न कि यह कि मामला सुलझेगा ही नहीं।
श्याम रजक ने जोर देकर कहा कि पार्टी को अभी भी विश्वास है कि यह मामला बातचीत के जरिए ही खत्म हो जाएगा। उनका मानना है कि चुनाव के महत्वपूर्ण समय में पार्टी पूरी ताकत से मैदान में है और नेताओं के अलग-अलग बयानों से उसकी चुनावी रणनीति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने ललन सिंह के बयान की गलत व्याख्या को भी स्पष्ट किया, कहा कि उनके कहने का मतलब यह नहीं था कि JDU ने विवाद को सुलझाने की कोशिशें बंद कर दी हैं। ललन सिंह ने अपनी भूमिका को लेकर स्थिति साफ की थी कि वे दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए तैयार होने पर मध्यस्थता कर सकते हैं।
दरअसल, JDU विधायक अनंत सिंह और पार्टी के MLC नीरज कुमार के बीच तीखी बयानबाजी ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस जुबानी जंग को खत्म करने के प्रयास भी हुए थे। शुरुआती तौर पर JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इस विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को सौंपी थी। इसके बाद ललन सिंह का बयान आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे दो लोगों के आपसी विवाद में नहीं पड़ते, क्योंकि दोनों ही उनके वोटर हैं। इसलिए किसी एक के पक्ष में खड़ा होना उनके लिए उचित नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा था कि अगर दोनों नेता बातचीत को तैयार होते हैं, तो वे मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं।
विवाद और ललन सिंह का रुख
श्याम रजक से जब पूछा गया कि पार्टी के नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हैं और चुनाव में उम्मीदवारों की जमानत जब्त कराने जैसी बातें कर रहे हैं, तो यह विवाद कैसे खत्म होगा, तो उन्होंने इसे तवज्जो न देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कौन क्या बोल रहा है, इससे JDU की मजबूती पर कोई फर्क नहीं पड़ता। पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ रही है।
‘लाठबंधन’ का आरोप और बाढ़ पर सरकार का पक्ष
श्याम रजक ने इस दौरान RJD और कांग्रेस के गठबंधन पर भी हमला बोला। तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इस गठबंधन को खारिज कर दिया और इसे ‘लाठबंधन’ करार दिया। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में गठबंधन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की पूरी संभावना है।
इसके साथ ही, बिहार में लगातार बिगड़ती बाढ़ की स्थिति और कई इलाकों में उत्पन्न संकट को लेकर भी श्याम रजक ने सरकार का पक्ष रखा। सरकार पर कार्रवाई न करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी आपदा का समय है। ऐसे वक्त में लोगों तक सहायता पहुंचाना पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल राहत और मदद पर ध्यान दिया जाएगा, जबकि कार्रवाई बाद में की जाएगी।
JDU के अंदरूनी विवाद को सुलझाने के प्रयासों और चुनावी माहौल में नेताओं की बयानबाजी पर श्याम रजक का यह बयान पार्टी की एकजुटता दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पार्टी बातचीत से इस विवाद को खत्म कर पाती है या यह चुनावी रणनीति पर कोई और असर डालता है।
2026 बिहार MLC चुनाव: जदयू का मास्टरस्ट्रोक! हार के बाद भी अभिषेक झा को मिला टिकट, संगठन में भी बड़े बदलाव
Bihar MLC Election: बिहार में 2026 के विधान परिषद चुनावों को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने तिरहुत स्नातक एमएलसी सीट के लिए अभिषेक झा को दोबारा मैदान में उतारा है, यह कदम तब उठाया गया है जब वह 2024 के उपचुनाव में इसी सीट पर हार का सामना कर चुके थे। जदयू के इस रणनीतिक फैसले से राज्य की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी अभिषेक झा को पार्टी का सिंबल प्रदान किया। इस मौके पर उन्होंने अभिषेक झा को शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा के प्रति पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम करने का संदेश दिया। जदयू ने 23 सितंबर को ही तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अभिषेक झा की उम्मीदवारी की घोषणा कर दी थी। 2024 में हुए उपचुनाव में अभिषेक झा जदयू के उम्मीदवार थे, लेकिन तब निर्दलीय प्रत्याशी बंशीधर ब्रजवासी ने जीत दर्ज की थी। इसके बावजूद, पार्टी ने एक बार फिर अभिषेक झा पर भरोसा जताया है।
तिरहुत स्नातक सीट पर नामांकन शुरू, ये है चुनाव कार्यक्रम
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 8 सीटों पर 2026 में चुनाव होने हैं। जदयू ने इनमें से 4 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, जिसमें तिरहुत स्नातक सीट से अभिषेक झा भी शामिल हैं। तिरहुत स्नातक सीट के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, मतदान 23 अक्टूबर को संपन्न होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
जदयू ने इन चार सीटों पर उतारे प्रत्याशी
पार्टी ने 2026 के विधान परिषद चुनावों के लिए जिन चार सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, वे इस प्रकार हैं:
- पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार
- तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा
- सारण शिक्षक से आनंद पुष्कर
- दरभंगा शिक्षक से घनश्याम राय
संगठन में भी बड़े बदलाव, शिक्षा प्रकोष्ठ का पुनर्गठन
जदयू ने केवल चुनावी रणनीति ही नहीं, बल्कि संगठन स्तर पर भी बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी के शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ का पुनर्गठन करते हुए नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के निर्देश पर प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार ने इन पदाधिकारियों का मनोनयन किया।
शनिवार को जारी सूची के अनुसार, सुरेश सिंह को दोबारा जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। वहीं, प्रो. संगीता सिंह और ब्रजनंदन प्रसाद सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष का पदभार सौंपा गया है, जबकि रजनीश कुमार सिंह को नगर अध्यक्ष बनाया गया है। जिलाध्यक्ष अनुपम कुमार ने इस जानकारी की पुष्टि की और सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उनके बेहतर कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। जदयू का यह कदम दर्शाता है कि पार्टी 2026 के चुनावों के लिए अभी से पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।







