Bihar Darbhanga News: दरभंगा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां बुधवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव आचार्य सुरेंद्र झा सुमन चौक पर मिला। इस घटना ने शहर में बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 29 वर्षीय यह व्यक्ति कई सालों से कचरा बीनकर और मांगकर अपना गुजारा कर रहा था, जिसकी मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है।
नगर थाना क्षेत्र के हराही तालाब के पश्चिमी हिस्से में स्थित सुमन चौक पर बुधवार सुबह शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय दुकानदारों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। पहले विश्वविद्यालय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में पता चला कि यह क्षेत्र नगर थाना के अंतर्गत आता है। इसके बाद नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के अनुसार, मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और कई वर्षों से इसी इलाके में घूमता रहता था, भोजन के लिए वह लोगों पर निर्भर था।
नगर थाना के पुलिस ने बताया, ‘पहचान न होने पर शव को पोस्टमार्टम के बाद 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा।’
बेसहारा की मौत से प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों की देखभाल को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लोगों के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों के किनारे ऐसे अनेक लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जिनके भोजन, आश्रय, उपचार और पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं है।
NGOs की भूमिका पर भी उठे प्रश्न
स्थानीय निवासियों ने गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए किए जाने वाले प्रयास धरातल पर दिखाई नहीं देते। लोगों ने प्रशासन और संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे ऐसे बेसहारा लोगों की पहचान करें और उनकी समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए एक आईना है, जो बेसहारा और मानसिक रूप से कमजोर लोगों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।







