Darbhanga -Tilkeshwar Crime News: अंजली हत्याकांड: पति ने की थी पत्नी की हत्या, शव जलाने की कोशिश; पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दरभंगा जिले के तिलकेश्वर थाना क्षेत्र में हुए अंजली देवी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपनी पत्नी की संदिग्ध मौत के बाद शव जलाने का प्रयास करने वाले मुख्य आरोपी पति नंदन चौपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और लोग न्याय की मांग कर रहे थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य पहलुओं को उजागर किया है।
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क्या है पूरा मामला और कैसे हुई घटना?
यह मामला तिलकेश्वर थाना क्षेत्र के महिसौत गांव से जुड़ा है, जहां 2 जून 2026 की रात अंजली देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप है कि अंजली की मौत के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को श्मशान घाट ले जाकर जलाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की। एफएसएल टीम और दंडाधिकारी की मौजूदगी में चिता से शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेजा गया, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया था और लोग इस अमानवीय कृत्य से स्तब्ध थे।
मृतका के पिता सिकिन्द्र चौपाल ने इस मामले में 3 जून 2026 को तिलकेश्वर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में पति नंदन चौपाल सहित कुल नौ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया था। पिता का आरोप था कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और बाद में साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस ने मामला दर्ज होते ही जांच शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आगे की जांच
प्राथमिकी दर्ज होने के मात्र तीन दिनों के भीतर, पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लेते हुए मुख्य आरोपी नंदन चौपाल को गिरफ्तार कर लिया। यह पुलिस की तत्परता और मामले को गंभीरता से लेने का प्रमाण है। इससे पहले, इस मामले में एक अन्य अभियुक्त शंभू चौपाल को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था।
तिलकेश्वर थानाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि अंजली देवी मृत्यु कांड में दर्ज प्राथमिकी के अनुसंधान के क्रम में मुख्य आरोपी नंदन चौपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले के अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है।
थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि कांड का अनुसंधान वैज्ञानिक साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से किया जा रहा है। इस Patni Murder Case में पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक साक्ष्य इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को कुछ हद तक राहत मिली है। उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी को जल्द ही न्याय मिलेगा। गांव के लोग भी पुलिस की इस तत्परता की सराहना कर रहे हैं। इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में भय पैदा होता है और समाज में कानून का राज स्थापित होता है।
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पुलिस टीम ने विशेष रूप से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली, जिन्होंने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। इन सबूतों के आधार पर ही जांच को सही दिशा मिली और आरोपियों तक पहुंचना संभव हो पाया। यह दिखाता है कि आधुनिक जांच तकनीकें अपराधों को सुलझाने में कितनी सहायक हो सकती हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की उम्मीद
इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों को कानून के कटघरे में खड़ा करने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य फरार अभियुक्तों पर शिकंजा कसना आसान हो जाएगा। पीड़ित परिवार लगातार पुलिस अधिकारियों से संपर्क में है और उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है।
समाज में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई और त्वरित न्याय बेहद आवश्यक है। इस मामले में पुलिस की सक्रियता ने एक सकारात्मक संदेश दिया है। अंजली देवी के पिता और अन्य परिवारजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है और उन्हें विश्वास है कि सभी दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी।







