दरभंगा | ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) राष्ट्रीय पहचान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, प्रशासनिक और संरचनात्मक सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
📌 एलएनएमयू को पीएम उषा योजना के तहत शामिल किया गया है, जिससे यह देश के 35 बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालयों में स्थान पाने वाला बिहार का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
📌 डिजिटल बदलाव:
- नैड डिजी लॉकर लागू करने वाला बिहार का पहला विश्वविद्यालय
- नैक ग्रेड में सुधार की प्रक्रिया जारी
- भारतीय ज्ञान परंपरा के मानकों को अपनाने की पहल
🔍 कॉलेजों और विभागों का औचक निरीक्षण
👉 विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, कार्यालयों और संबद्ध कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
👉 निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
👉 शिक्षण और शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवीनतम पुस्तकें, पत्रिकाएं, ई-जर्नल और ई-लर्निंग सामग्री खरीदी जा रही हैं।
🏗️ बुनियादी ढांचे और नई योजनाओं पर काम
✔️ ऑडिटोरियम निर्माण को स्वीकृति
✔️ 370 शिक्षकेतर कर्मियों को वेतनमान सहित उच्चतर पद का प्रभार
✔️ शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए अभिलेखीय कार्य जारी
🎓 डब्ल्यूआईटी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल
एलएनएमयू का वीमेंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (WIT) राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सके, इसके लिए –
📌 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।
📌 राज्य और केंद्र सरकार से सहयोग मांगा जा रहा है।
🎯 दूरस्थ शिक्षा और शोध कार्य में विस्तार
👉 दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में नामांकन शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
👉 इसके लिए दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो (DEB) से संपर्क किया जा रहा है।
👉 विश्वविद्यालय को शोध संस्थान का दर्जा मिल चुका है और अब जल्द ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
🔹 एलएनएमयू का लक्ष्य
📌 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत करना
📌 डिजिटल युग में नई तकनीकों और सुविधाओं को अपनाना
📌 शोध और नवाचार को बढ़ावा देना
📌 छात्रों और शिक्षकों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित करना
एलएनएमयू गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे यह बिहार ही नहीं, पूरे देश में एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के रूप में उभर सके।