
कुशेश्वरस्थान नगर पंचायत: बिहार के कुशेश्वरस्थान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यहां नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने सीधे मुख्य पार्षद और उनके बेटे पर मारपीट और गाली-गलौज का गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह पूरा मामला योजना से जुड़े एक विवाद को लेकर गरमाया है।
मुख्य पार्षद और बेटे पर FIR दर्ज: क्या है कुशेश्वरस्थान नगर पंचायत का पूरा मामला?
कुशेश्वरस्थान पूर्वी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी गोपाल कुमार ने थाने में एक लिखित आवेदन दिया है। इस आवेदन में उन्होंने नगर पंचायत कर्मी के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान उर्फ जैरुण पासवान और उनके पुत्र अंकित पासवान पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि मुख्य पार्षद ने कार्यालय कर्मी किरण कुमार ठाकुर को मोबाइल फोन से अपने निजी कार्यालय कक्ष में बुलाया। आरोप है कि वहां किवाड़ बंद करके श्री ठाकुर को लात-घूसों और डंडे से बेरहमी से पीटा गया और भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मारपीट का मुख्य कारण यह बताया गया है कि उक्त कर्मी ने मुख्य पार्षद श्री पासवान के मौखिक आदेश पर पूर्व में चलाई गई एक योजना का लेटर पैड नहीं हटाया था। कार्यपालक पदाधिकारी ने यह भी कहा कि इससे पहले भी मुख्य पार्षद पर कई बार कार्यालय कर्मियों के साथ गाली-गलौज करने के आरोप लग चुके हैं। कार्यपालक पदाधिकारी ने मुख्य पार्षद और उनके पुत्र अंकित पासवान पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
इस गंभीर मामले की जानकारी प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना; जिला पदाधिकारी, दरभंगा; वरीय पुलिस अधीक्षक, दरभंगा; एसडीओ एवं एसडीपीओ, बिरौल को भी दी गई है। कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करने और नगर पंचायत कर्मियों एवं पदाधिकारियों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
मुख्य पार्षद ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
इस संबंध में कुशेश्वरस्थान थाना अध्यक्ष गौरव प्रसाद ने पुष्टि की है कि कार्यपालक पदाधिकारी का आवेदन प्राप्त होते ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान व उनके बेटे अंकित पासवान को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
वहीं, इस पूरे मामले पर मुख्य पार्षद शत्रुघ्न पासवान ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कई योजनाएं और प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की जांच को लेकर कार्यालय में बात बढ़ गई थी, जिसके बाद कार्यालय कर्मी ही मारपीट करने लगे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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