

Darbhanga Narak Nivaran Chaturdashi: आस्था और विश्वास का ऐसा संगम जहां हर डुबकी पाप धोने का और हर जयकारा मुक्ति का मार्ग बन जाता है। बिरौल में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब यह पावन पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
देकुलीधाम में Narak Nivaran Chaturdashi पर लगी भक्तों की लंबी कतारें
बिरौल प्रखंड क्षेत्र में नरक निवारण चतुर्दशी का त्योहार शनिवार को पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर, प्रसिद्ध दरवेश्वर नाथ महादेव मंदिर, देकुलीधाम, भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। सुबह की पहली किरण के साथ ही शिवालयों में भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा। भक्तों ने घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और फूलों की मालाएं अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की महिमा अपरंपार है और यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। यही वजह है कि इस विशेष दिन पर न केवल आस-पड़ोस के गांवों से, बल्कि सीमावर्ती जिले समस्तीपुर और अन्य दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
साहो में निकली भव्य कांवड़ कलश शोभायात्रा
देकुलीधाम के अलावा, प्रखंड के अन्य शिवालयों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। साहो, पोखराम, गनोड़ा तरवारा, नवटोल और सुपौल बाजार समेत अन्य गांवों के शिव मंदिर में भी लोगों ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
साहो में इस अवसर पर एक विशेष और भव्य कांवड़ कलश शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कुंवारी कन्याओं ने भाग लिया। गाजे-बाजे के साथ कन्याओं ने साहो स्थित श्री श्री 108 बाबा सर्वेश्वर नाथ मंदिर से कांवड़ उठाया और पड़री होते हुए कन्हौली कमला नदी तट पर पहुंचीं।वहां से पवित्र जल भरकर वे पुनः मंदिर परिसर लौटीं और शिवलिंग पर जल अर्पित किया। इस शोभायात्रा में भगवान शिव, पार्वती और अन्य देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पीछे-पीछे चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। वहीं, पोखराम के कोनी घाट स्थित कमला नदी में भी श्रद्धालुओं ने स्नान कर पूजा-अर्चना की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



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