
तिरंगा: अरे भाई, ये क्या हो रहा है! गोपालगंज समाहरणालय भवन पर कई दिनों से एक फटा हुआ राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहा था, जिसका वीडियो वायरल होते ही बवाल मच गया है। सोशल मीडिया पर लोग इसे राष्ट्रीय सम्मान का अपमान बताकर प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे जिले में नाराजगी पैदा कर दी है, जहां हर कोई प्रशासन की इस बड़ी चूक पर सवाल उठा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, फूटा लोगों का गुस्सा
गोपालगंज समाहरणालय परिसर में फहराए जा रहे फटे हुए तिरंगे का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में राष्ट्रीय ध्वज क्षतिग्रस्त स्थिति में फहराता नजर आ रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फटा हुआ झंडा पिछले कई दिनों से लगा हुआ था, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इसे बदलने की कोई जहमत नहीं उठाई। सूचना देने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो लोगों की नाराजगी और बढ़ गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता गोपालगंज प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
फटा तिरंगा क्यों नहीं बदला? राष्ट्रीय अपमान पर वकील ने उठाई आवाज
सिविल कोर्ट के वकील सचिन सिंह ने इस घटना को राष्ट्रीय ध्वज का गंभीर अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का इस तरह क्षतिग्रस्त हालत में फहराया जाना देश का अपमान है और यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल इस पर संज्ञान लेने और नया तिरंगा लगाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने लापरवाह जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस घटना के बाद से जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
यह घटना जिला प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है। लोगों का कहना है कि समाहरणालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ ऐसी अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है। राष्ट्रीय ध्वज देश की आन-बान और शान का प्रतीक होता है और उसकी मर्यादा बनाए रखना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ऐसी स्थिति में, इतने दिनों तक फटे हुए ध्वज का फहरते रहना अक्षम्य है।
लोगों की मांग: तत्काल कार्रवाई और नया ध्वज
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फटे हुए तिरंगे को तुरंत हटाकर नया ध्वज लगाया जाए। साथ ही, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। गोपालगंज समाहरणालय में फटा तिरंगा फहराने का मामला गोपालगंज प्रशासन की अक्षमता और संवेदनहीनता को दर्शाता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।







